भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने आज कहा कि केंद्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लेना न्यास और सच्चायी तथा किसानों के कड़े संघर्ष की जीत है, जिसने एक अहंकारी और जिद्दी सरकार को झुका दिया। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने ट्वीट के जरिए लिखा है, ‘जिन किसानों को भाजपा के लोग इन कृषि कानूनों के विरोध करने के कारण कभी कांग्रेस समर्थक, कभी देशद्रोही, दलाल, आतंकवादी तक कहते थे, यह उन लोगों की हार है और यह न्याय व सच्चायी की जीत है, किसानों के कड़े संघर्ष की जीत है, जिसने एक अहंकारी व जिद्दी सरकार को झुका दिया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि विरोधी कानून वापस लेने की घोषणा लोकतंत्र और किसान आंदोलन की विजय है। जन जागरण अभियान के तहत नर्मदा नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध पौराणिक नगरी नेमावर पहुंचे सिंह ने मीडिया से कहा कि वे उन बहादुर किसानों को बधाई देना चाहते हैं, जो एक साल से धरने पर बैठे थे। उन शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जो धरने और आंदोलन के दौरान शहीद हुए।
