मध्य प्रदेश में लगातार चर्चित हो रही कथा वाचक जया किशोरी (Jaya Kishori) ने सोशल मीडिया पर अपनी नई फोटो शेयर की है. इस फोटो में वह अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में बैठी है.उन्होंने मंदिर में कोट लिखा है, ‘वाहेगुरु जी दा खालसा वाहेगुरु जी दी फतेह.’ बता दें, छतरपुर के बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री संग उनका नाम जोड़ा गया था.

जया किशोरी के फैंस उनके प्रेरणादायक शब्दों से उनकी ओर आकर्षित होते हैं उनका कहना है किसी और को प्रसन्न करने के लिए खुद को असुविधा जनक परिस्थिति में जाने से रोके. कभी भी अपनी तुलना किसी से ना करें. हर चीज अब आपके उसकी ओर आकर्षित होने की मांग नहीं करती. आप अपने प्रेम जीवन और कार्य पर ध्यान लगाएं. वास्तविक सुंदरता को जानने के लिए कभी-कभी आपको अपनी दुनिया से समय निकालना पड़ता है. खुद पर विश्वास होना सबसे बड़ी जीत होती है. सबकी जिंदगी में उलझन है हमेशा कुछ भी बोलने से पहले 10 बार सोचें.

अवसर की तलाश में न बैठे

उनका ऐसा मानना है कि हर ठोकर आपको चेतावनी देती है कि अब संभल जाओ. कुछ चीजें कभी नहीं बदलती जैसे मां का प्यार पिता की तुम्हारे लिए चिंता और पुराने दोस्तों का साथ. तो वहीं अवसर की तलाश में बैठे रहने से आपकी पूरी जिंदगी खराब होगी जो भी आपके पास है उसी से ही आप अपनी लाइफ की शुरुआत करें. उनका कहना है कि जिंदगी के खूबसूरत कुछ भी नहीं है, उड़ान हमेशा ऊंची रखो. नजरें हमेशा नीचे रखो. ज्ञात हो कि कथा वाचिका जया किशोरी का नाम पहले जया शर्मा था. कृष्ण भक्ति में लीन होने के बाद उनकाे किशोरी की उपाधि दी गई. इसके बाद वो अपना नाम जया किशोरी लिखने लगी. सोशल मीडिया पर जया किशोरी की बहुत अच्छी फैन फॉलोइंग है.