भोपाल . मध्य प्रदेश में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले है. ऐसे में राजनीतिक दल और नेता मतदाताओं को साधने के कोई मौके नहीं छाेड़ना चाहते हैं. सभी राजनीतिक पार्टियां वोट के समीकरण को साधने की कोशिश कर रही हैं. एक तरफ जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी महत्वकांक्षी लाड़ली बहना योजना लांच की है, जिसके माध्यम से वो महिला वोटरों को अपने पक्ष में करने का प्रयास करने में जुटे हैं तो वहीं दूसरी ओर रविवार को कमलनाथ ने बड़ा दाव खेलते हुए राज्य में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आने पर महिलाओं को 18 हजार रुपये की वार्षिक सहायता देने के लिए एक योजना शुरू करने का वादा किया है.
रविवार को लाडली बहना योजना लॉन्च होते ही प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा मैं मध्यप्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों को एक सुखद सूचना देना चाहता हूं. कुछ महीने बाद आप सब मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने वाली हैं. कांग्रेस सरकार महिलाओं को प्रतिवर्ष 18000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी. यह संसार की सबसे बड़ी महिला सशक्तिकरण योजना बनेगी. एक अन्य ट्वीट कर उन्होंने कहा यह घोषणा किसी घोषणा मशीन की घोषणा नहीं है, जो हर रोज अपनी बात से पलट जाते हैं. कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश की महिलाओं को देश में सबसे अधिक आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है और हम वह संकल्प पूरा करेंगे. जय मध्य प्रदेश. जय मध्य प्रदेश की नारी.
गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 2.60 करोड़ आधी आबादी यानी महिला वोटर्स है. 40 से ज्यादा जिलों में पुरुष वोटर्स से ज्यादा महिला वोटर्स की संख्या है. वर्ष 2018 के चुनाव में पुरुषों का वोट प्रतिशत 75.72 प्रतिशत और महिलाओं का 73.86 प्रतिशत था. इस वर्ष महिलाओं के वोट प्रतिशत में 3.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. यहीं कारण है कि राजनीतिक पार्टियों का पूरा फोकस महिला वोटरों को साधने पर है.
