भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनावी वर्ष में रिटायर होने वाले राज्य कर्मचारियों की किस्मत चेत सकती हैं। राज्य सरकार मार्च अप्रैल से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को एक वर्ष की सेवावृद्धि कर सकती है, यानी रिटायरमेंट की उम्र 62 से 63 वर्ष हो सकती है।
भोपाल सूत्रों के मुताबिक जल्दी ही इस संदर्भ में राज्य सरकार विधानसभा के बाद आदेश जारी कर सकती है। बताया जाता है कि इस संदर्भ में सरकार ने होमवर्क पूरा कर लिया है। केवल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की अनुमति के बाद आदेश जारी होना हैं और सरकार के हर स्तर पर सेवावृद्धि की रजामंदी हो चुकी हैं। बताया जाता है कि इस चुनावी वर्ष में भारी संख्या में कर्मचारियों के रिटायरमेंट डयू होने से सरकारी कामकाज पर असर पड़ सकता हैं और योजनायें लंबित हो सकती है। इसीलिये राज्य सरकार फिलहाल एक वर्ष की सेवावृद्धि का निर्णय कर सकती हैं। सरकार के सामने एक दिक्कत यह भी है कि सरकारी कामकाज के लिये अनुभवी कर्मचारी चाहिये और रिटायरमेंट के कारण नये भर्ती होने वाले कर्मचारी कामकाज नहीं सम्हाल सकेंगे। इसी वजह से एक वर्ष की सेवावृद्धि पर विचार फाइनल हो सकता है। वहीं मप्र राज्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष सुरेन्द्र भदौरिया का भी कहना है कि राज्य सरकार कर्मचारियों की एक वर्ष की सेवावृद्धि करती हैं तो संघ इस निर्णय का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा कि यह चुनावी वर्ष है राज्य सरकार को अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता हो सकती हैं इसीलिये इस निर्णय का हम स्वागत करेंगे।
