अनूपपुर। मध्यप्रदेश के अनूपपुर की पवित्र नगरी अमरकंटक में 25 मार्च से 2 अप्रेल तक 1008 मज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन जैन मंदिर में किया जाएगा। इसमें शामिल होने के लिए आचार्य विद्यासागर जी महाराज का मंगलवार 21 मार्च को अमरकंटक आगमन हो गया है।

नौ दिवसीय कार्यक्रम में आचार्य ससंघ शामिल होंगे। जैन मंदिर अमरकंटक का निर्माण कार्य संपन्न होने के साथ ही यहां स्थापित अष्टधातु की प्रतिमा का पंचकल्याणक समारोह एवं जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव किया जाएगा। 25 मार्च को जाप, स्थापना, घट यात्रा तथा ध्वजारोहण. 26 को सरलीकरण, इंद्रा प्रतिष्ठा, गर्भ कल्याणक (पूर्वरूप), 27 को गर्भ कल्याणक (उत्तर रूप), 28 को जन्म कल्याणक, 29 को तप कल्याणक, 30 को ज्ञान कल्याणक (पूर्वार्द्ध), 31 को ज्ञान कल्याणक (उत्तरार्द्ध), 1 अप्रैल को मोक्ष कल्याणक व फेरी, 2 को बिंब स्थापना, कलश रोहण, महा मस्तकाभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.
प्रशासन भी जुटा तैयारियों में
आयोजन समिति के चुन्नूम जैन ने बताया कि इस कार्यक्रम में देशभर से 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई है। दूसरी ओर प्रशासन ने भी इसकी तैयारियां प्रारंभ कर दी है। अनूपपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने आयोजन समिति के साथ बैठक कर तैयारियों के संबंध में जानकारी ली और निरीक्षण किया। प्रारंभिक रूप से यातायात व्यवस्था के लिए जैन तिराहे से जैन मंदिर मार्ग पर तथा मेला ग्राउंड पर यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अवरोधक लगाए जाएंगे।
20 वर्ष में तैयार हुआ भगवान आदिनाथ का 170 फीट ऊंचा मंदिर
मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक तीर्थक्षेत्र में 170 फीट ऊंचे जैन मंदिर का निर्माण कर विश्व की सबसे वजनी भगवान आदिनाथ जी की प्रतिमा स्थापित कराई गई है। जैन समाज ने 20 वर्ष में भव्य मंदिर तैयार कराया है। यह जैन मंदिर ओडिशी स्थापत्य कला का बिंब होगा। भूकंपरोधी होने के साथ-साथ इस मंदिर में सीमेंट का उपयोग नहीं किया गया है। इस बड़े आयोजन में शामिल होने देश-विदेश से जैन समाज के लोग अमरकंटक पहुंचेंगे।
