ग्वालियर। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने के विरोध में पूरे देश में आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह रूस एवं चायना जैसा लोकतंत्र लाना चाहते हैं।पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज यहां अपने प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अडानी के बारे में केवल सवाल पूछा था कि हिडनवर्ग के अनुसार बीस हजार करोड अडानी की कंपनी में किसके लगे थे और किसका पैसा था। और कंपनी कैसी है जिसका निदेशक चायना का व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि इस कंपनी को रक्षा का काम करना था तो उसकी सुरक्षा को खतरा नहीं है क्या। इसी को लेकर मोदी की टीम ने २०१९ के एक कथित मामले में राहुल गांधी को दो वर्ष की सजा करवाकर उनकी लोकसभा से सदस्यता समाप्त करा दी। उन्होंने बताया कि हिडनवर्ग में जो फ्राड हुआ है इसकी चार सौ पन्नों की रिपोर्ट उन्होंने देखी उसी में इस शैल कंपनी की जानकारी मिली। पहले इस कंपनी का शेयर साढे चार हजार का था बाद में वह ११०० रूपये का रह गया। इससे भारत के लोगों के दस लाख करोड रूपये डूब गये। उन्होने कहा कि क्या इस मामले की जांच नहीं होना चाहिये थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जेपीसी की मांग रखी लेकिन इसी से प्रधानमंत्री परेशान हो गये। उन्होंने बताया कि इससे पहले बोफोर्स तोप को लेकर भी जेपीसी बनी थी और उसकी रिपोर्ट में बोफोर्स तोप बेहतर मानी गई वहीं कारगिल में बोफोर्स बेहतरीन साबित हुई । उस समय भी विपक्ष की मांग पर जेपीसी का गठन हुआ था। इससे पहले भी सात बार जेपीसी का गठन हो चुका है। कोकाकोला में क्या मिला है इसे लेकर भी जेपीसी बनी थी। अब जब दस लाख करोड डूब गये तो जेपीसी क्यों नहीं बन रही है। मोदी ने काला धन वापस लाने की बात कही। और यह भी कहा कि यदि कालाधन वापस आ गया तो प्रत्येक नागरिक को १५-१५ लाख देंगे। बाद में अमित शाह ने उसे जुमला कह दिया। उन्होंने बताया कि २०१४ से जुमला ही चल रहा है। नौ साल से कितना कालाधन आया सिफर साबित हुआ। स्विस बैंक में २०२१ में तीस हजार करोड रूपये भारत के लोगों ने जमा किये। उलेकिन आया एक भी नहीं। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के कहने पर कालाधन के लिए एसआईटी का गठन तो किया लेकिन उसकी रिपोर्ट कहां गई पता नहीं। एसआईटी का क्याहुआ यह भी पता नहीं चला।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अमित शाह के पास २० हजार करोड रूपये कहां से आए। प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि मै ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा। लेकिन शायद अब मैं और मेरे लोग खायेंगे । यह कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोविड के समय में प्रत्येक नागरिक की आय कम हुई लेकिन १०० परिवार ऐसे हैं जिनकी आय बढी। पूर्व सीएम ने कहा कि इन सारे प्रश्रों का उत्तर चाहिये। वह जितना भी प्रताडित करना है करें हम पीछे हटने वाले नहीं है। उन्होंने इतना ही नहीं ओबीसी के लोगों का नाम लेना शुरू किया लेकिन प्रधानमंत्री को ओबीसी से माफी मांगना चाहिये। कि भाजपा के निकट के लोग ही भगोडे हैं उन्हें यदि चोर कहा तो क्या बुरा कहा।पूर्व सीएम ने कहा कि धर्म की आड में देश को लूट रहे हैं ठग रहे हैं। किसानों को सम्मान निधि छह हजार रूपये दे रहे हैं उससे ज्यादा बिजली खाद बीज पर पैसे बढाकर सरकार वसूल रही है। उन्होंने कहा कि सरसों का भाव साढे चार हजार रूपये प्रति क्विंटल हो गया है। इससे पहले जब कांग्रेस सरकार थी तो मामा मंत्रियों से खेत पर जाने की बात कहते थे ,अब आदेश दे रहे हैं। उन्होंने लाडली बहना की बात कहते हुये कहा कि लाडली बहना की हालत प्रदेश में ऐसी बनेगी कि उससे बिजली बिल वसूल करने मोटर सायकल पलंग तक उठाकर ले जा रहे हैं। ऐसे अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करना चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि लाडली बहना को एक हजार दे रहे हैं और उससे दस हजार रूपये वसूल रहे हैं।पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के परिवार पर आए संकट पर एक है और गांधी नेहरू परिवार के लिए सडकों पर उतर कर लडाई लडेंगी। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले नेहरू गांधी परिवार जेल में रहा। लेकिन आरएसएस का रोल क्या था। वह आजादी की लडाई में भाग नहीं लेते थे। उन्हें ब्रिटिश हुकूमत पसंद थी। यह इतिहास गबाह है। उन्होंने कहा कि नेहरू गांधी परिवार ना डरा है ना ही डरेगा। कितने भी सदस्यता क्यों ना छिन जाये माफी मांगने वाले नहीं।राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने पर आम आदमी पार्टी सहित अन्य दलों द्वारा राहुल गांधी का समर्थन करने पर पूछे एक प्रश्र के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तय करेंगे कि क्या उन्हें साथ लेकर चुनाव लडा जाये या नहीं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार उसी प्रकार का लोकतंत्र चाहती है जैसा रशिया और चायना में है। एक प्रश्र के उत्तर में उन्होंने कहा कि उनपर भी आठ मानहानि के केस चल रहे हैं। इन केसों में ओबेसी और रामदेव ने भी केस कर रखा है। सरकार क्या करेगी जेल भेजेगी ना भेजे हम जेल जाने को तैयार हैं। २०२३-२४ की तैयारी के बारे में उन्होंने कहा कि २०२४ में कांग्रेस की सरकार बनेगी और कमलनाथ मुख्यमंत्री बनेंगे। आम आदमी पार्टी या अन्य राजनैतिक दल के लोग कांग्रेस में आने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस से नाराज लोग आते जाते रहे हैं। लेकिन कांग्रेस आगे बढी है पीछे मुडकर नहीं देखा। कमलनाथ को घर में घेरने की भाजपा की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सिंधिया से क्या वह चुनाव हार गये ना और हारने के बाद उसके साथ जाना ठीक नहीं मानते हैं। पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री लाखन सिंह, विधायक प्रवीण पाठक, सुरेश राजे डबरा, मेवाराम जाटव गोहद भिंड, रामसेवक सिंह बाबूजी, प्रदेश कोषाध्यक्ष अशोक सिंह , जिलाध्यक्ष शहर डॉ. देवेन्द्र शर्मा, ग्रामीण प्रभुदयाल दोहरे, प्रवक्ता प्रदेश अजीत सिंह, संभागीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र शर्मा, भगवान सिंह यादव आदि मौजूद थे।
