लखनऊ । अतीक अहमद को लेकर यूपी पुलिस का काफीला अहमदाबाद से प्रयागराज पहुंचा। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में रखा जाएगा । मंगलवार को दोनों भाइयों को उमेशपाल अपहरण केस के मामले में कोर्ट में पेश किया जाएगा । यूपी पुलिस का काफिला सोमवार सुबह शिवपुरी पहुंचा, जहां करीब आधा घंटे रुका । यूपी में दाखिले से पहले एक गाय काफिले से टकरा गई और उसकी मौत हो गई। उदयपुर, कोटा व शिवपुरी में अतीक को वैन से उतारा गया था । इसके बाद झांसी में भी यूपी पुलिस के काफिले को रोका गया ।
का काफिला रविवार शाम पौने छह बजे अहमदाबाद के साबरमति जेल से रवाना हुआ। बाहर आने पर मीडिया के सामने अतीक बोला-मुझे डर है, ये मेरी हत्या करना चाहते हैं। पुलिस का काफिला शाम सवा सात बजे साबरकांटा पहुंचा, जहां रवाना होकर रात दस बजे उदयपुर से रवाना हुआ और रात साढ़े बारह बजे चित्तौड़गढ़ पहुंचा। कोटा तड़के सवा तीन बजे और सुबह सवा सात बजे शिवपुरी पहुंच गया। सुबह 9 बजे झांसी में अतीक को रिजर्व पुलिस लाइन में ले जाया गया। यहां टीम ने कुछ देर आराम किया और करीब 11 बजे काफिला रवाना हुआ। यहां अतीक अहमद से मीडिया वालों ने पूछा तो उसने कहा कि किस बात का डर। प्रयागराज पहुंचने में 7 से आठ घंटे लग सकते हैं।
अतीक को प्रयागराज के एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में 28 मार्च को पेश किया जाएगा। यह मामला उमेशपाल के अपहरण मामले में फैसला सुनाया जाएगा। अतीक अहमद के भाई अशरफ को सोमवार को यूपी की बरेली जेल से प्रयागराज जेल ले जाया जा रहा है। अतीक के खिलाफ 100 से ज्यादा केस यूपी में दर्ज है, लेकिन उसके रसूख के सामने किसी भी मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी। उमेशपाल के अपहरण का यह पहला मामला है, जिसमें अतीक के खौफ का हिसाब होना है जो इस वक्त खुद खौफ के साये में है। अतीक के खिलाफ गुंडा एक्ट भी दर्ज हुए, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया।
अतीक के वकील विजय मिश्रा ने कहा “कोर्ट के आदेश पर अतीक अहमद को प्रयागराज कोर्ट ले जाया जा रहा है। कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगी, वह हम स्वीकार करेंगे। अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हम हाईकोर्ट जाएंगे। हमें अतीक अहमद की सुरक्षा की फिक्र है। हम राजस्थान से उनके काफिले के साथ चल रहे हैं। मीडिया की गाड़ियां भी अतीक के काफिले के पीछे हैं और पूरे रास्ते को कवर कर रहे हैं। पुलिस ने मीडिया को चकमा देने के लिए रास्ता भी बदला, लेकिन मीडिया और अतीक के परिवार वाले भी काफिले के साथ चल रहे हैं।
