जबलपुर: मध्य प्रदेश में महिलाओं के कैंसर के उपचार से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है. राज्य सरकार ने जबलपुर सहित 13 जिलों के अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन लगाने का फैसला किया है. पीपीपी मोड पर मैमोग्राफी मशीन लगाई जाएंगी. मैमोग्राफी जांच से महिलाओं के ब्रेस्ट में होने वाली गांठों का पता लगाता है.
कैंसर पीड़ित 100 महिलाओं में 40 प्रतिशत को ब्रेस्ट कैंसर होता है. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग मैमोग्राफी मशीन खरीदी के लिए कंपनी फाइनल करने की प्रक्रिया अगले हफ्ते में शुरू करेगा. सरकार द्वारा तय किया गया है कि शुरू में उन्हीं शहरों के जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन लगेंगी, जहां सरकारी मेडिकल कॉलेज मौजूद हैं.
इसकी वजह कैंसर से ग्रसित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर इलाज देना है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी के मुताबिक मैमोग्राफी मशीनों की खरीद के लिए कागजी कार्यवाही पूरी हो गई है. इसके लिए जबलपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, सागर, रतलाम, खंडवा, शहडोल, छिंदवाडा, शिवपुरी, विदिशा और दतिया का चयन किया गया है.
सिर्फ एम्स में ही होती है जांच
यहां बता दें कि अभी प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सिर्फ एम्स में ही मैमोग्राफी जांच होती है. हालांकि, सरकारी अस्पतालों से इतर बड़ी संख्या में प्राइवेट सेंटर्स पर यह सुविधा उपलब्ध है. बताया जाता है कि दो तरह की मैमोग्राफी मशीनों में जांच में 15 सौ से 4 हजार रुपये तक खर्च आता है.
मवेशियों के लिए शुरू होगी एंबुलेंस
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अब सरकार मनुष्यों की तरह ही गायों और मवेशियों के लिए भी एंबुलेंस सेवा शुरू कर रही है. प्रदेश के हर विकासखंड में एक-एक एंबुलेंस चलाई जाएगी, जिसमें डाक्टर और कंपाउंडर की व्यवस्था की जाएगी. प्रदेश में 407 एंबुलेंस आ चुकी हैं. यह सेवा एक माह में प्रारंभ हो जाएगी. सेवा के लिए 1962 पर काल करना होगा.
