महेश्वर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महेश्वर में कई सौगातें दी। उन्होंने उज्जैन के श्री महाकाल महालोक की तर्ज पर महेश्वर में पुण्य श्लोक देवी अहिल्या लोक बनाने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि करही को तहसील बनाया जाएगा और बलवाड़ा को तहसील टप्पा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने शुक्रवार को महेश्वर में डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती और महिला महासम्मेलन को संबोधित किया।
राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ के संकल्प से निरंतर बहन-बेटियां सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। मैंने मध्यप्रदेश के सभी 52 जिले घूमे हैं। मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में जनता की खुशहाली के लिए हर जगह अद्भुत कार्य हो रहे हैं, जिन्हें मैं गिना नहीं सकता। इस अवसर पर 12 करोड़ 19 लाख 18 हजार रुपये के अधो-संरचना विकास कार्य-मातमूर और 10 करोड़ की लागत वाले 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मण्डलेश्वर का 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन कार्य का शिलान्यास किया।
विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितलाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री चौहान ने महेश्वर तहसील के करही टप्पा को तहसील बनाने, बलवाड़ा और कालकूट को टप्पा का दर्जा देने, कटरगांव उप स्वास्थ्य केन्द्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में अपग्रेडेशन और कसरावद-पिपलगोंद मार्ग निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम का शुभारंभ बेटियों के पूजन से हुआ। कार्यक्रम में कृषि मंत्री कमल पटेल, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, जनजाति कल्याण मंत्री मीना सिंह, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में बहनें और जन-सामान्य उपस्थित थे। स्वागत भाषण सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने दिया।
शिवराज ने कहा कि महेश्वर का गौरवशाली इतिहास रहा है। मां अहिल्या बाई होलकर ने विभिन्न मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया। मानव सेवा के उत्कृष्ट कार्य किए। चौहान ने घोषणा की कि महेश्वर के गौरवशाली इतिहास और मां अहिल्या के कार्यों को रेखांकित करते हुए मां देवी अहिल्या बाई लोक बनाया जाएगा। ताकि उनके आदर्शों, कार्यों को लोग जाने और अनुकरण कर सकें।
शिवराज ने कहा कि प्रदेश में बहन, बेटियों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रारंभ की गई, जिसके माध्यम से बेटियों को समय-समय पर शिक्षा के लिए राशि और 21 वर्ष की आयु होने पर एक लाख रुपये की राशि दी जाती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में सरकार गरीब बेटियों की शादी करवाती है। संबल योजना में 16 हजार रुपये प्रसूति सहायता दी जाती है। बहनों के सशक्तिकरण के लिए पंचायत एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में 50% आरक्षण है। बहनों को पुलिस की भर्ती में 30% और शिक्षकों की भर्ती में 50% आरक्षण दिया गया है। जमीन, जायदाद की रजिस्ट्री बहनों के नाम कराने पर केवल 1% स्टांप शुल्क लिया जाता है। बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लाड़ली बहना योजना प्रारंभ की गई है। योजना में गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवार की बहनों को प्रतिमाह 1000 रूपये की सहायता आगामी 10 जून से मिलना प्रारंभ हो जाएगी।
