मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन थाने में पदस्थ एक पुलिसकर्मी ने शुक्रवार दोपहर अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। आत्महत्या से पहले उसने परिवारवालों को फोन लगाकर अपनी जिंदगी खत्म करने की बात कही थी। उसने कहा था कि अब जीने का मन नहीं है। मृतक की पहचान आरक्षक संजय यादव के रूप में हुई है, जो कि उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के रहने वाले थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रक्षाबंधन के त्योहार के चलते उनकी पत्नी और बच्चे फिलहाल गांव गए हुए थे और वह अपने सरकारी क्वार्टर में अकेले रह रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार आत्मघाती कदम उठाने से कुछ ही देर पहले संजय ने अपने परिजनों से फोन पर बात की थी और इस दौरान बेहद निराशाजनक लहजे में कहा था कि, ‘अब जिंदा नहीं रहना चाहता’। इतना कहने के बाद ही उन्होंने अपना फोन भी बंद कर लिया था। इसी कॉल के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। उन्होंने फौरन संजय के एक साथी पुलिसकर्मी राजेश यादव को फोन किया और उनसे संजय के आवास पर जाकर देखने का अनुरोध किया।
कमरे का मंजर देख सहम गए साथी
इसके बाद जब राजेश यादव संजय के घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। बार-बार आवाज देने पर भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो परिजनों की सहमति से वह दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए। इसके बाद अंदर का मंजर देख वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए, संजय का शव फंदे से लटका हुआ था।
घटना की सूचना मिलने पर रामनगर थाना प्रभारी विजय तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें सौंप दिया।
पुलिस को मोबाइल से वजह पता चलने की उम्मीद
थाना प्रभारी विजय तिवारी ने बताया कि आरक्षक के पास किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, साथ ही उनका मोबाइल फोन भी लॉक है, जिसे जांच के लिए साइबर सेल को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मोबाइल का लॉक खुलने के बाद ही आत्महत्या के कारणों से पर्दा उठ सकता है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
