सत्तर के दशक (1970s) में मुंबई अंडरवर्ल्ड का नाम आते ही सबसे पहले हाजी मस्तान मिर्ज़ा का जिक्र होता था। उन्हें उस समय का मुंबई का पहला डॉन भी कहा जाता है। उनका नाम सुनकर पूरा अंडरवर्ल्ड कांप उठता था। आज उसी मशहूर डॉन की बेटी हसीन मस्तान मिर्ज़ा बेहद मुश्किल हालात में जी रही हैं—यह बात किसी को भी सोचकर विश्वास नहीं होगी। आइये इसे विस्तार से जानते हैं…
वीडियो में क्या कहा हसीन मस्तान मिर्ज़ा ने…
हाल ही में सोशल मीडिया पर हसीन मस्तान मिर्ज़ा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। 11 दिसंबर 2025 को पोस्ट किए गए इस वीडियो में वह सफेद साड़ी पहने रसोई में खड़ी दिखाई देती हैं और भावुक होकर जनता व सरकार से मदद मांगती नजर आती हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह से अपील
वीडियो में हसीन कहती हैं कि वह कई सालों से अपने मामले को उठाती आ रही हैं। लेकिन कोई भी मीडिया उनकी बात को गंभीरता से नहीं ले रहा। न कहीं उनकी बात सुनी जा रही है, न कोई सहयोग मिल रहा है। इसलिए वह चाहती हैं कि उनकी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचे। हसीन मिर्ज़ा ने लोगों से भी अनुरोध किया कि वे इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचे।
हसीन मिर्ज़ा की लड़ाई क्या है
हाजी मस्तान मिर्ज़ा एक समय गैंगस्टर से फिल्म मेकर तक बने थे। हसीन उनकी बेटी हैं और वह कई सालों से अपने वंशानुगत अधिकारों, पैतृक संपत्ति, पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही हैं।
वीडियो में बेहद गंभीर आरोप भी लगाए
अपने वीडियो में उन्होंने कुछ बेहद गंभीर आरोप भी लगाए, जिनमें शामिल हैं-उनकी असली पहचान छुपाई गई, उनकी संपत्ति उनसे छीन ली गई, उनके साथ बलात्कार की कोशिश की गई, उन पर हमले किए गए, जिनमें उनकी हत्या का प्रयास भी शामिल है। हसीन का कहना है कि वह अंतिम सांस तक अपने अधिकारों और अपने पिता की विरासत के लिए लड़ती रहेंगी।
‘अब्बा, आपने सबको न्याय दिया…’
वीडियो में हसीन बेहद भावुक होकर कहती हैं—”अब्बा, आपने हमेशा सबको न्याय दिलाया। अब दुनिया आपकी बेटी की मदद करेगी।” उनकी यह बात सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है।
सख्त कानूनों की मांग
हसीन मिर्ज़ा ने वीडियो में देश में महिलाओं की सुरक्षा और संपत्ति अधिकारों से जुड़े मामलों में और अधिक सख्त कानून बनाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे कानून मजबूत हों, तो उनके जैसी महिलाओं को वर्षों तक न्याय के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा।
