उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक छात्र ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में दो बार असफल होने के बाद एमबीबीएस में दाखिल के लिए कथित तौर पर दिव्यांग कोटा हासिल करने की नीयत से अपना पैर काट लिया। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि सघन जांच के बाद इस साजिश का खुलासा कर दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव निवासी आकाश भाष्कर ने 18 जनवरी की सुबह पुलिस को सूचना दी कि 17 जनवरी की देर रात कुछ अज्ञात बदमाश उसके निर्माणाधीन मकान में घुसे और उनके भाई सूरज की बेरहमी से पिटाई कर उसका पैर का पंजा काट लिया। उन्होंने बताया कि इस सनसनीखेज सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
गर्ल फ्रेंड के मोबाइल नंबर से खुला राज
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच नगर क्षेत्र के पुलिस क्षेत्रधिकारी (सीओ) गोल्डी गुप्ता को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस को सूरज की कहानी में कई विरोधाभास मिले। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन की जांच में एक युवती का नंबर मिला, जिससे पूछताछ के बाद शक और गहरा गया। इस बीच, पुलिस को सूरज की एक डायरी भी मिली, जिसमें उसने लिखा था, 2026 में मैं एमबीबीएस डॉक्टर बनकर रहूंगा। श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि सूरज नीट में दो बार असफल होने के बाद मानसिक तनाव में आ गया था और एमबीबीएस में दाखिले के लिए दिव्यांग कोटे का लाभ लेने की योजना के तहत उसने खुद ही अपना पैर काट लिया।
पार्थ का अस्पताल में किया जा रहा इलाज
पुलिस के अनुसार, युवक ने झूठी कहानी गढ़ी, लेकिन साक्ष्ष्यों और कड़ी पूछताछ के सामने उसका दावा टिक नहीं सका। लाइन बाजार थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि सूरज का इलाज पार्थ अस्पताल में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विधिक राय मांगी गई है और उसके बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
