3 hours पहले

इंदौर के नई बस्ती इलाके के मराठी मोहल्ला में दूषित पानी से 6 महीने के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मां साधना साहू का रो-रोकर बुरा हाल है और बार-बार यही कह रही हैं कि 10 साल की मन्नतों और दुआओं के बाद उन्हें बेटा हुआ था, लेकिन अब वह हमेशा के लिए उनसे छिन गया।

साधना साहू ने बताया कि उनके बच्चे को अचानक उल्टी और दस्त होने लगे। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। मां का कहना है कि उनके इलाके में लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा था। बच्चे की मां ने आगे बताया कि ब्रेस्ट फीडिंग से बच्चे को पर्याप्त दूध नहीं मिल पा रहा था। इसलिए बाहर से लाए गए गाढ़े दूध में पानी मिलाकर बच्चे को पिलाती थीं। साधना ने आरोप लगाया कि इसी दूषित पानी से उनके बच्चे की मौत हुई है। उनकी 10 साल की बेटी को भी पेट दर्द की शिकायत है, जिससे परिवार और ज्यादा डरा हुआ है। मेरा बच्चा चला गया, लेकिन डर है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो न जाने कितने और मासूम बच्चे ऐसे ही चले जाएंगे। साधना का दर्द सुनकर आसपास के लोग भी भावुक हो गए।

27 अस्पतालों में 149 मरीजों का चल रहा इलाज

जानकारी के अनुसार, दूषित पानी के कारण इंदौर में फिलहाल 27 अस्पतालों में 149 मरीजों का इलाज चल रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से साफ पानी की तुरंत व्यवस्था और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।