नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा की रचनात्मकता और वैश्विक पहचान को नया आयाम देने वाला इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM), 2025 में एक बार फिर उभरती प्रतिभाओं को मंच देने के लिए तैयार है। इस साल की शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए फेस्टिवल ने दो प्रमुख फिल्म निर्माताओं – अश्विनी अय्यर तिवारी और शूजीत सरकार – को निर्णायक मंडल में शामिल किया है।
हर साल IFFM की शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता दुनियाभर के भारतीय और प्रवासी फिल्ममेकर्स को अपनी अनकही कहानियाँ पेश करने का अवसर देती है। 2025 में, यह प्रतियोगिता और भी खास हो गई है, क्योंकि निर्णायक के रूप में दो ऐसे नाम शामिल हुए हैं जिन्होंने भारतीय सिनेमा को संवेदनशीलता, सामाजिक गहराई और रचनात्मक ईमानदारी के साथ नई ऊँचाइयाँ दी हैं। अश्विनी अय्यर तिवारी, जिनकी फिल्में ‘नील बटे सन्नाटा’ और ‘बरेली की बर्फी’ दर्शकों के दिलों में खास जगह बना चुकी हैं, ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा,
“शॉर्ट फिल्में सीमित समय में अनगिनत भावनाएँ समेटने का माद्दा रखती हैं। IFFM की यह प्रतियोगिता हमेशा नई सोच और अनसुनी आवाज़ों का स्वागत करती है। इस मंच पर बतौर जूरी सदस्य जुड़ना मेरे लिए एक सम्मान की बात है।”
वहीं ‘पीकू’, ‘अक्टूबर’, और ‘सरदार उधम’ जैसी फिल्मों के निर्देशक शूजीत सरकार ने इस चयन पर खुशी जताते हुए कहा, “IFFM वह जगह है जहाँ कहानियाँ सीमाओं से परे जाती हैं। शॉर्ट फिल्मों का असर, उनकी सरलता और तीव्रता में छिपा होता है। मैं इस साल के प्रतिभाशाली फिल्ममेकर्स और उनकी दृष्टि से रूबरू होने के लिए बेहद उत्साहित हूँ।”
फेस्टिवल की संस्थापक एवं निर्देशक मितु भौमिक लांगे ने दोनों दिग्गजों के जुड़ने को IFFM के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
“अश्विनी और शूजीत जैसे क्रिएटिव दिमागों का साथ मिलना इस प्रतियोगिता को और भी सार्थक बनाएगा। इनकी दृष्टि उन फिल्मों को पहचानने में मदद करेगी जो न केवल तकनीकी रूप से सशक्त हैं बल्कि भावनात्मक रूप से गहराई भी लिए हुए हैं।”
IFFM 2025, इस अगस्त मेलबर्न में आयोजित होगा, जहाँ भारतीय और प्रवासी भारतीय फिल्म समुदाय से जुड़ी आवाज़ें, संस्कृति और कहानियाँ एकजुट होकर मनाई जाएँगी। हर साल की तरह, इस बार भी शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता को फेस्टिवल की प्रमुख आकर्षणों में गिना जा रहा है एक ऐसा मंच जो साहसिक, नवीन और भावनाओं से ओतप्रोत रचनात्मक अभिव्यक्ति को पहचान देता है।
