भोपाल . मध्य प्रदेश की सरकारी सूची में एक और राजकीय पर्व शामिल हो गया है. इस संबंध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अलीराजपुर दौरे में बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने जनजातीय आदिवासी परंपरा के अभिन्न अंग भगोरिया को राजकीय पर्व घोषित करने को लेकर ऐलान किया और उन्होंने कहा की सरकार पर्वों का इंतजाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.
मुख्यमंत्री चौहान सोमवार को आलीराजपुर के भगोरिया हाट में सम्मिलित हुए. बस स्टैंड पर सीएम आदिवासी परंपरा के रंग में रंगे नजर आए. यहां उन्होंने आदिवासी समाजजनों को भगोरिया की बधाई दी. इस दौरान आदिवासी समाज के दलों ने पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति से समां बांध दिया. इस मौके पर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भगोरिया जनजातीय परंपरा का अभिन्न उत्सव है. हम फैसला कर रहे हैं कि भगोरिया को राजकीय पर्व व सांस्कृतिक धरोहर माना जाएगा. अलीराजपुर में आयोजित ‘भगोरिया उत्सव’ में सहभागिता की. इस अवसर पर साथी राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, गुमान सिंह व अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे.
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जनजातीय परंपरा का अभिन्न उत्सव भगोरिया अब से राजकीय पर्व और सांस्कृतिक धरोहर माना जाएगा. हमारे जनजातीय पर्व और लोक कलाएँ बनीं रहें, उनका उत्सव और आनंद बना रहे इसके लिए सरकार भी इन पर्वों के आयोजन में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. सन् 1883 में अंग्रेजों को भारत की ताकत बताने वाले बाबा छीतू किराड़ जी हमारे गौरव हैं. हमने तय किया है कि सोरवा किले का पूरा जीर्णोंद्धार करवाया जायेगा और बाबा छीतू किराड़ जी का भव्य स्मारक बनवाया जायेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जनजातीय पर्व और उनकी लोक कलाएँ बनीं रहें, उनका उत्सव और आनंद बना रहे इसके लिए सरकार भी इन पर्वों के आयोजन में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. सोरवा किले का पूरा जीर्णोंद्धार करवाया जायेगा और बाबा छीतू किराड़ जी का भव्य स्मारक बनवाया जायेगा. अलीराजपुर की जनता ने माँग की कि हमारे खेतों में नर्मदा जी का पानी ला दो, हम पाइप बिछाकर जनजातीय भाई-बहनों के खेत में पानी लाने का काम कर रहे हैं. नर्मदा मैया का पवित्र जल हम सोंडवा के पास से लिफ्ट कर अलीराजपुर ला रहे हैं. सोंडवा के 106 गाँवों में भी पानी लाने के लिए सर्वे करवाया जाएगा.
