ग्वालियर। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के कददावर नेता जीतू पटवारी ने कहा है कि भाजपा और झूठ एक दूसरे के पर्याय बन गये हैं। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इसी झूठ के पर्याय हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुये कहा कि किसान कर्मचारियों को तवाह किया है वहीं प्रदेश को कर्जदार बना कलंकित किया है।
पूर्व मंत्री जीतू पटवारी आज यहां किसानों के आंदोलन के उपरांत पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री इन दिनों ओला से प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। वह किसानों से कहते हैं कि घबराना नहीं , इतना ही नहीं पीडित किसानों के साथ खडे होकर फोटो खिंचवाकर उसे छपवा रहे हैं। लेकिन किसान बेचारे परेशान है। वह सर्वे कराने को कहते हैं इसके बाद से बीमा कंपनियां ३६०० करोड के लाभ में हैं और एक भी पीडित किसान को एक पैसा भी नहीं मिला है। यह पिछले ओला वृष्टि के समय की बात हैं अब नये सर्वे का क्या किसानों को पैसा मिल पायेगा इस पर संशय है।
पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों की आय दोगुनी करने की बात पिछले चार बार राज्यपाल के माध्यम से भी जिक्र करवा चुके हैं , इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी श्योपुर के कार्यक्रम में इस बात को दोहराया , जब हमारे एक विधायक ने विधानसभा में प्रश्र पूछा तो वह साफ नकार गये कि हमने ऐसी कोई घोषणा ही नहीं की। ऐसा ही केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के साथ है। वह जब कांग्रेस में थे उस समय अतिथि विद्वानों से कहते थे कि उनकी लडाई लडूंगा वहीं साढे तीन साल से अतिथि विद्वान सडकों पर हैं उन्होंने कोई लडाई नहीं लडी। वहीं सिंधिया ने सम्मान और सेवा के लिए राजनीति करने की बात कही, उन्हें भाजपा में कितना सम्मान मिला है सर्व विदित है। सेवा के लिए उन्होंने पद हासिल कर लिया है।
जीतू पटवारी ने कहा कि मैं विधानसभा से निलंबित हूं। क्यों हूं इसके बारे में उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री से पूछा कि फसल के दाम बढाओगे गेंहू सरसों के दाम बढाना चाहिये लेकिन उन्हें सदन से निलंबित करा दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर चार लाख करोड का कर्जा है उसका २४ करोड ब्याज सरकार प्रतिमाह दे रही है। वहीं प्रदेश सरकार गिरबीं रखी संपत्ति बेच कर नया ऋण ले रही है। यह प्रदेश की दयनीय स्थिति हैं। शिवराज सिंह सीहोर बुधनी में मुर्रा भैंस देगे यह घोषणा करते हैं जब उनसे किसानों की आय दोगुनी और घोषणाओं के संबंध में पूछा जाता है तो वह कह देते हैं कि हमने ऐसा कुछ कहा ही नहीं।
जीतू पटवारी ने कहा कि अब यही हाल बहनों का है। पटवारी ने कहा कि बहनों का सम्मान होना चाहिये उनके लिए योजना बनना चाहिये लेकिन मामा बहनों को भी छलने में लगे हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि जब हमारी सरकार आयेगी तो हम १५०० रूपये देंगे। जीतू ने मामा शिवराज के झूठ की एक और कहानी बताई कि लाडली लक्ष्मी योजना में बच्ची के १८ साल होने पर उसे एक लाख रूपया देना चाहिये लेकिन शिवराज सरकार की तरफ से उसे सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। यह उनका भ्रमजाल है। विधानसभा में निलंबन के बाद से कांग्रेस के दो फाड होने के एक प्रश्र के उत्तर में कहा कि मैने स्वयं संगठन में कहीं नीचा दिखाने का प्रयास नहीं किया मैने स्वयं विधानसभा में मुददों पर बात करने के लिए कहा था। युवाओं को एक तरफ करने के बारे में जीतू पटवारी ने कहा कि युवा नेताओं को डाउन नहीं किया जा रहा है और मैं सिंधिया की तरह पीठ नहीं दिखाऊंगा। कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा इस बारे में पूछे प्रश्र के उत्तर में उन्होंने कहा कि नेतृत्व कमलनाथ का है तो मुख्यमंत्री भी वहीं बनेंगे। उन्होंने कहा है प्रदेश में लगभग अस्सी प्रतिशत जनता कांग्रेस के पक्ष में है। हम एकजुटता से लडेंगे और चुनाव में भारी बहुमत से विजय पायेंगे। ग्वालियर चंबल अंचल में बडे नेताओं का गढ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हां यहां भाजपा के बडे नेता है वहीं कांग्रेस के भी कई बडे नेता हैं। यह राजनीति का शुरू से गढ रहा है। वहीं ग्वालियर चंबल अंचल में वीर भी हैं पूरे देश से लेकर विदेश तक भी ग्वालियर चंबल के वीर अपना लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बनाने में कांग्रेस की भूमिका रहेगी।
निलंबन मेरे लिए फक्र की बात
विधानसभा अध्यक्ष द्वारा गुमराह भ्रामक जानकारी देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैने जो प्रश्र पूछे वह विधानसभा से मिले उत्तर के बाद पूछे जबकि विधानसभा अध्यक्ष पार्टी की तरह काम कर रहे हैं ना कि कानून का पालन करके। उन्होंने बताया कि गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा कहते है कि शेर नहीं दिये जबकि विधानसभा में उत्तर दिया है कि रिलायंस को इंदौर चिडियाघर से शेर दिये यह विधानसभा में उत्तर दिया गया है। जीतू पटवारी ने कहा कि निलंबन उनके लिए फक्र की बात है। एक प्रश्र के उत्तर में जीतू पटवारी ने कहा कि उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति हेक्टेयर ४० हजार के हिसाब से मुआवजा देना चाहिये।
