भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भोपाल मेट्रो का भूमिपूजन किया। एम्स से लेकर सुभाष नगर तक सात किमी का प्राथमिक कारिडोर में दिसंबर 2023 में पहली ज्वाय फुल जर्नी होगी।

सीएम ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि आज प्रकाश पर्व है। आज झांसी की रानी का भी जन्मदिन है। कुछ दिन पहले हमने भोपाल में प्रधानमंत्री जी का स्वागत किया था।अब भोपाल मेट्रोसिटी भोपाल बनने जा रहा है। आज मैं स्वर्गीय गौर साहब को याद करना चाहूंगा। यह प्रोजेक्ट सफल होगा। पांच से सात हजार बेरोजगारों को रोजगार। मिलेगा। मेट्रो भोपाल की दशा और दिशा बदलेगी। गरीबों को घर देंगे। इस मेट्रो रेल में कोयले की बिजली नहीं, सूरज से बनने वाली बिजली उपयोग करेंगे। जिम्मेदार नागरिक होने के नाते, आप भी विशेष मौके पर पौधे लगाएं।

    मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj ने भोपाल मेट्रो रेलवे परियोजना के अंतर्गत 426.67 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 8 मेट्रो रेलवे स्टेशनों का भूमि-पूजन किया।

दिसंबर 2023 तक यह स्टेशन बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे। इसके बाद दिसंबर में ही सस्ता, सुरक्षित, प्रदूषण रहित और वातानुकूलित आवागमन उपलब्ध कराने वाली भोपाल मेट्रो दौड़ते हुए दिखाई देगी। इसके लिए एम्स से सुभाष नगर तक मेट्रो के एलिवेटेड रूट पर गर्डर लॉचिंग का काम लगभग 80 फीसद पूरा हो चुका है।

अब इस रूट पर आठ एलीवेटेड स्टेशन बनाए जाने है। जिसके लिए जमीन आरक्षण का काम पूरा हो गया है। 369 करोड़ रुपये से आठ एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे। इसकी डिजाइन और निर्माण कार्य के लिए निविदा जारी हो गई है। बता दें कि मेट्रो का प्रथम रूट एम्स से लेकर करोंद तक बनाया जाना है। सुभाष नगर से करोंद तक के रूट में दो किमी का अंडरग्राउंड रूट है। इसके लिए अलग से टेंडर किया जाएगा। बता दें कि ईआईबी से 3493.34 करोड़ की राशि 10 दिसंबर 2019 को स्वीकृत हुई। इससे सिविल वर्क (वायडक्ट और स्टेशन अंडरग्राउंड सहित), टैक्शन और आग्जिलरी पावर, डिपो और डिपो एक्विपमेंट पैकेज का काम किया जा रहा है। भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लागत 6941.40 करोड़ रूपए है।

विश्व-स्तरीय होंगे मेट्रो स्टेशन

सभी 8 एलीवेटेड मेट्रो स्टेशन विश्व-स्तरीय सुविधाओं से युक्त होंगे। ऊर्जा संरक्षण के लिए सभी स्टेशनों पर एलईडी लाइट एवं सोलर पैनल की व्यवस्था होगी। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को मेट्रो स्टेशन के साथ स्काई वॉक के माध्यम से जोड़ा जाएगा। इस मेट्रो स्टेशन का नाम भी रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन होगा। सभी स्टेशनों पर माल की तरह सेंट्रल एयर कॉनकोर्स होगा, जिसमें एटीएम, खाद्य आउटलेट, कैफे, मोबाइल रिचार्ज आदि सेवाएं उपलब्ध होंगी। सभी स्टेशनों पर शहर के अन्य आवागमन के साधनों के साथ सहयोजन की प्लानिंग की गई है। स्टेशन क्षेत्र का हरित विकास करने के साथ ही प्रभावित वृक्षों की प्रतिपूर्ति के लिए चार गुना पौधों का अग्रिम रोपण किया गया है। पर्यावरण संरक्षण के लिए वाटर हॉर्वेस्टिंग की जाएगी।

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