ग्वालियर . पिछले छह दिन से मौसम लगातार विपरीत बना हुआ है. रविवार को भी ग्वालियर-चंबल संभाग में मध्यम से घने बादल छाए रहे. भिण्ड जिले के रौन क्षेत्र के चुनिंदा गांवों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो गई. जिससे रबी फसलों को नुकसान हुआ है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार अगले दो दिन और किसानों की फसलों पर संकट के बादल मडऱाते रहने की संभावना है.
ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र में विगत शुक्रवार शाम को तेज बारिश के साथ चुनिंदा गांवों में हुई जबरदस्त ओलावृष्टि के बाद शनिवार को राहत रही. रविवार को भी कभी मध्यम तो कभी घने बादल छाए रहे लेकिन बारिश नहीं हुई. जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी किसानों को डरा रही है. स्थानीय मौसम विज्ञानी सी.के. उपाध्याय ने बताया कि रविवार को हिमालय में एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ पहुंच गया है. इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, असम में अलग-अलग तीन चक्रवात भी बने हुए हैं. तेलंगाना में बने चक्रवात से छत्तीसगढ़, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, आंतरिक ओडिशा, झारखंड, पूर्वी बिहार होते हुए एक द्रोणिका भी गुजर रही है. इन पांच मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से ग्वालियर-चंबल संभाग सहित लगभग आधे मध्यप्रदेश में बादल छाए रहने के साथ कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि हो रही है. इन मौसम प्रणालियों का प्रभाव 21 मार्च तक बना रहने की संभावना है. इस दौरान भी ग्वालियर-चंबल संभाग में कहीं बारिश तो कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है. स्थानीय मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार पिछले दिन की अपेक्षा रविवार को अधिकतम तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस गिरावट के साथ 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 5.2 डिग्री सेल्सियस कम है जबकि न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस वृद्धि के साथ 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो औसत से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है.
