कई लोगों को रात में सोते समय हाथों में सुन्नपन, झनझनाहट या सुई चुभने जैसा एहसास होता है। अक्सर लोग इसे सोने के गलत तरीके का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार हाथ की नस पर दबाव पड़ने से ऐसा हो सकता है, लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है, तो इसके पीछे कोई दूसरी वजह भी हो सकती है। ऐसे में इसके कारणों को समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
1. गलत पोजीशन में सोना हो सकता है कारण
अगर आप सोते समय हाथ को सिर के नीचे रख लेते हैं या लंबे समय तक एक ही करवट में सोते हैं, तो हाथ की नसों पर दबाव पड़ सकता है। इससे हाथ सुन्न होने या झनझनाहट की समस्या हो सकती है। अक्सर हाथ की पोजीशन बदलने और उसे कुछ देर हिलाने से आराम मिल जाता है। लेकिन अगर ऐसा रोजाना हो रहा है, तो इसकी दूसरी वजहों की भी जांच करवानी चाहिए।
2. गर्दन की समस्या भी हो सकती है वजह
गर्दन की हड्डियों या उनके बीच मौजूद डिस्क में बदलाव होने से नसों पर दबाव पड़ सकता है। इसका असर गर्दन से लेकर कंधे, हाथ और उंगलियों तक महसूस हो सकता है। अगर हाथ सुन्न होने के साथ गर्दन में दर्द, कंधे में खिंचाव या हाथ में कमजोरी भी महसूस होती है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
3. डायबिटीज के कारण भी हो सकती है परेशानी
डायबिटीज लंबे समय तक रहने पर शरीर की नसों को नुकसान पहुंचा सकती है। इस समस्या को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसके कारण हाथों और पैरों में सुन्नपन, जलन या झनझनाहट हो सकती है। इसके अलावा, कार्पल टनल सिंड्रोम भी रात में हाथ सुन्न होने की एक आम वजह है। इसमें कलाई की एक नस पर दबाव पड़ता है। इससे खासतौर पर अंगूठे, तर्जनी और बीच वाली उंगली में झनझनाहट महसूस हो सकती है।
4. हाथ सुन्न होने पर क्या करें?
अगर रात में सोते समय आपके हाथ सुन्न हो जाते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना फायदेमंद हो सकता है।
– सोते समय हाथ को सिर या शरीर के नीचे दबाकर न रखें।
– गर्दन और हाथों को आरामदायक स्थिति में रखकर सोएं।
– कोहनी को लंबे समय तक बहुत ज्यादा मोड़कर रखने से बचें।
– अगर परेशानी बार-बार होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
– बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं या विटामिन सप्लीमेंट लेना शुरू न करें।
अगर हाथों का सुन्नपन बार-बार होता है, लंबे समय तक बना रहता है या इसके साथ दर्द और कमजोरी भी महसूस होती है, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। वहीं, अगर अचानक एक हाथ सुन्न होने के साथ चेहरे का एक हिस्सा लटकने लगे, बोलने में परेशानी हो या शरीर के एक तरफ कमजोरी महसूस हो, तो यह स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।
