अक्सर माता-पिता की सबसे बड़ी इच्छा होती है कि वे अपनी बेटियों की शादी अच्छे से कर दें और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा मानें। लेकिन दुनिया के कई देशों में हालात अलग होते हैं वहां बच्चे बड़े होकर खुद अपने जीवनसाथी चुन लेते हैं और शादी का पूरा ख़र्च भी स्वयं ही उठाते हैं। यही कारण है कि विवाह के खर्चों को लेकर कई बार युवा तनाव में आ जाते हैं। इसी बढ़ते आर्थिक बोझ से बचाने के लिए एक विदेशी मां ने अपनी बेटियों को ऐसा ऑफर दे दिया, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है। आइए ख़बर में विस्तार से जानते है…
क्यों दिया मां ने बेटियों को ये अजीब ऑफर?
टिकटॉक पर वायरल एक वीडियो में एक महिला, जो खुद को केट बताती हैं, उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने अपनी बेटियों से कहा है यदि वे शादी न करने का फैसला करती हैं, तो उन्हें 35,000 डॉलर यानी करीब 29 लाख रुपये मिलेंगे। केट चार बच्चों की मां हैं और उनका कहना है कि यह ऑफर शादी के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन खर्चीली शादियों के विरोध में है जो कई जोड़ों को आर्थिक संकट में धकेल देती हैं।
जानिए आखिर क्या है वजह
दरअसल, केट ने बताया कि जब उन्होंने और उनके पति ने शादी की थी, तब उन्होंने शानदार समारोह आयोजित करने पर काफी पैसा खर्च किया था। नतीजा यह हुआ कि अगले पाँच साल उन्हें उस कर्ज को चुकाने में लग गए, जो केवल शादी के खर्च की वजह से उन पर चढ़ा था। आज वे मानती हैं कि अगर दोबारा मौका मिले तो वे शादी पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बजाय उसे घर खरीदने, हनीमून, या रिटायरमेंट जैसे महत्वपूर्ण कामों में लगाना पसंद करेंगी।
अपने वायरल वीडियो में केट कहती हैं कि बड़ी शादियाँ अब जरूरत से ज्यादा खर्च कर देने वाली परंपरा बन चुकी हैं, जबकि छोटी और सादगीभरी शादी भी उतनी ही खास और खुशियां देने वाली हो सकती है। उनका मानना है कि कोर्टहाउस में साधारण समारोह या परिवार के घर में गार्डन वेडिंग एक बेहतर और समझदारी भरा विकल्प है।
‘बड़ी शादी पैसे की बड़ी बर्बादी’
इसी सोच को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने बेटियों को 35,000 डॉलर का प्रस्ताव दिया है वैसी ही रकम, जितनी आजकल पश्चिमी देशों में औसत शादी पर खर्च होती है। हालांकि केट स्पष्ट करती हैं कि फैसला पूरी तरह उनकी बेटियों पर निर्भर है। यदि वे सपनों की भव्य शादी करना चाहें, तो वे उनका पूरा साथ देंगी और खर्च में भी मदद करेंगी।
केट का यह अनोखा ऑफर न सिर्फ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि क्या वाकई शादी के नाम पर होने वाले अत्यधिक खर्च जरूरी हैं या फिर जीवन की शुरुआत आर्थिक रूप से मजबूत होकर करना ज्यादा समझदारी भरा फैसला है।
