लगातार गलत पोस्चर में बैठने से रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे शरीर कई प्रकार की परेशानियों का सामना करता है। इस स्थिति में योग के माध्यम से सरल धनुरासन का अभ्यास बेहद फायदेमंद माना जाता है।

सरल धनुरासन धनुरासन का आसान रूप है, जिसमें शरीर को धनुष की तरह मोड़ा जाता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है, पाचन तंत्र को बेहतर करता है, तनाव कम करता है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है। नियमित अभ्यास से कंधे सीधे होते हैं, पीठ की समस्याएं कम होती हैं और शरीर में लचीलापन आता है। साथ ही पेट के अंगों की मालिश से कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है। यह थायरॉइड और एड्रिनल ग्रंथियों को संतुलित रखकर हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करता है और मानसिक शांति भी देता है।

सरल धनुरासन करने की विधि:

पेट के बल लेट जाएं, माथा जमीन पर रखें और शरीर को आरामदायक स्थिति में रखें।

पैरों को सीधे और साथ-साथ रखें।

घुटनों को मोड़कर दोनों हाथों से टखनों (या एड़ियों) को पकड़ लें।

गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सिर, छाती और घुटनों को जमीन से ऊपर उठाएं। शरीर को धनुष की तरह मोड़ें ताकि पीठ में खिंचाव महसूस हो।

10-20 सेकंड या जितना सहज हो सके, इस स्थिति में रहें। सामान्य सांस लेते रहें।

धीरे-धीरे शुरुआती स्थिति में लौटें।

सावधानियां:

गर्भवती महिलाएं, हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, हाल की सर्जरी या गंभीर पीठ और गर्दन की समस्या वाले लोग बिना विशेषज्ञ सलाह अभ्यास न करें।

शुरुआत में जोर न लगाएं, धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।

रोजाना कुछ मिनट का अभ्यास शरीर और मन दोनों के लिए स्वास्थ्यवर्धक साबित होता है।