छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में महाराष्ट्र की सीमा से लगे अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में अब तक छह माओवादी मारे गए हैं। मुठभेड़ अभी भी जारी है और मौके से एके-47, एसएलआर राइफलें, अन्य हथियार, विस्फोटक और रोजमर्रा के सामान बरामद किए गए हैं।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि नक्सलियों का एक टॉप कमांडर भी मारा गया हो सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन?
अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की पक्की सूचना मिलने के बाद, सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। सर्चिंग के दौरान नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला। यह मुठभेड़ रुक-रुक कर लगातार चल रही है। अब तक छह नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, और इलाके की सघन तलाशी जारी है।
बीजापुर में भी मुठभेड़, 10 लाख का इनामी नक्सली ढेर
इससे पहले बीजापुर जिले में स्थित नेशनल पार्क क्षेत्र में भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 10 लाख रुपये का इनामी नक्सली ‘सोढ़ी कन्ना’ मारा गया। वह नक्सलियों की मिलिट्री कंपनी का स्नाइपर था और लंबे समय से कई नक्सली वारदातों में शामिल रहा था। सोढ़ी कन्ना छत्तीसगढ़ के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के किस्टारम गांव का रहने वाला था।
नक्सल विरोधी अभियान तेज़ी से जारी
यह सफलता सुरक्षाबलों के लिए बहुत बड़ी मानी जा रही है, क्योंकि कन्ना काफी समय से हिट लिस्ट में शामिल था और उसकी तलाश जारी थी। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेज़ी से जारी है। हाल की इन दो बड़ी मुठभेड़ों में नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ है और सुरक्षाबलों ने एक के बाद एक अहम सफलताएं हासिल की हैं।
