एमपी के जबलपुर में आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने पीएचई विभाग में पदस्थ कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह को 24 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है। EOW की टीम ने क्लर्क विकास पटेल को भी पकड़ा है। कार्यपालन यंत्री ने हैंडपंप मेंटेनेंस का बिल पास करने के लिए ठेकेदार से रिश्वत मांगी थी। उक्त रिश्वत दमोहनाका स्थित आफिस में ली जा रही थी   EOW के अधिकारियों ने बताया कि दमोह निवासी ठेकेदार रोहित बरौलिया ने सिहोरा ब्लॉक में हैंडपंप मेंटेनेंस का काम लिया था। जिसे पूरा करने के बाद उन्होंने दमोह नाका स्थित मुख्य कार्यालय में 2 लाख 47 हजार रुपए का बिल लगाया था। बिल पास करने के लिए कार्यपालन यंत्री द्वारा 10 प्रतिशत रिश्वत की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत रोहित ने जबलपुर आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो के एसपी अनिल विश्वकर्मा से लिखित में शिकायत दी। शिकायकर्ता का कहना है कि उसने सिहोरा ब्लॉक के कई क्षेत्रों में हैंडपंप मेंटेनेंस का काम किया था। उसका बिल पास करवाने के लिए कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह और क्लर्क विकास पटेल 24 हजार रुपए मांग रहे थे। यह काम का 10 प्रतिशत होता है। शिकायत का सत्यापन करने के बाद आज कार्यपाल यंत्री शरद कुमार व क्लर्क को 24 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ EOW की टीम ने पकड़ा है।