भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है. एक समय मध्यप्रदेश की जीएसडीपी का आकार 70 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपये हो गया है. कभी मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रुपये थी जो आज एक लाख 40 हजार रुपये हो गई है. पहले देश की जीएसडीपी में मध्यप्रदेश का योगदान तीन प्रतिशत से भी कम था, आज 4.6 प्रतिशत से अधिक हो गया है. इस वर्ष हमने तीन लाख 14 हजार करोड़ का बजट दिया है. पिछले वर्ष हमने 48 हजार करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडीचर रखा था, इस वर्ष हम इंफ्रा पर 56 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आत्मनिर्भर भारत का मंत्र दिया. हमने आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप बनाया.

मुख्यमंत्री चौहान रविवार शाम को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में भोपाल के कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रबुद्धजन समागम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में चारों तरफ हाई-वे, एक्सप्रेस-वे के जाल बिछ रहे हैं. 4 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है. भोपाल (Bhopal) -इंदौर में मेट्रो लाइन का काम चल रहा है. उज्जैन में हम रोप-वे बना रहे हैं. आधुनिक तकनीक का उपयोग कर हम मध्यप्रदेश को प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.

भाजपा को हमेशा आपका आशीर्वाद मिला और आगे भी मिलेगा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने प्रबुद्धजन समागम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रबुद्धजनों ने पार्टी को नई दिशा और सहयोग करने का काम हमेशा किया है. प्रधानमंत्री मोदी जी मन की बात कार्यक्रम में समाज के ऐसे लोगों को सामने लाते हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर समाज के लिए काम कर रहे हैं. ऐसे लोगों के सहयोग से आज समाज को नई दिशा मिली है. सरकार और संगठन को आपका आशीर्वाद मिला है और आगे भी मिलता रहेगा. आपके सुझावों के साथ भाजपा संवाद करते हुए आगे बढ़ेगी.

प्रबुद्धजन समागम में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, वरिष्ठ नेता डॉ. सत्यनारायण जटिया, केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रह्लाद सिंह पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह मंचासीन थे. कार्यक्रम में अलग-अलग समाजों के प्रमुख एवं रिटायर्ड सैन्य अधिकारी, डॉक्टर, वकील, शिक्षाविद, कला जगत के गणमान्यजन मौजूद थे.