दिल्ली में 15 साल पुराने वाहन मालिकों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली सरकार ने अपने फैसले पर यूटर्न ले लिया है। सरकार ने पुराने वाहनों पर लगे ईंधन प्रतिबंध को हटाने का फैसला लिया है। इस फैसले के पीछे तकनीकी चुनौतियों और अभियान में आ रहीं बाधाओं का हवाला दिया गया है। इस बाबत एक लेटर सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को लिखा है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी गुरुवार को किसी भी पुराने वाहन को जब्त नहीं किया।
वहीं, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने भी मामले में भरोसा दिया है कि सरकार पुराने वाहनों के मालिकों को राहत देने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। सीएम के भरोसे के बाद पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक्शन लिया है। उन्होंने सीएक्यूएम को लेटर लिख अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का आह्वान किया है। सिरसा ने लिखा है कि सिस्टम में कुछ खामियों को दुरुस्त किए जाने की जरूरत है।
कई जगह कैमरों में दिक्कतें
ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (ANPR) सिस्टम को ठीक किए जाने की जरूरत है। इस आदेश को अभी नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में लागू नहीं किया गया है। ऐसे में फ्यूल बैन का आदेश लागू करना कहीं न कहीं जल्दबाजी है। सिरसा ने कहा कि अभियान को लेकर लोगों में कहीं न कहीं गुस्सा दिख रहा है। उनको कई शिकायतें भी मिली हैं, कई जगह पेट्रोल पंपों पर कैमरे ठीक काम नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली सरकार ने लिया था ये फैसला
कुछ अन्य खामियों का सामना भी करना पड़ रहा है। वाहनों पर कार्रवाई उनकी फिजिकल कंडीशन को देखकर की जानी चाहिए। उनके प्रदूषण का स्तर देखा जाना चाहिए। बता दें कि दिल्ली सरकार ने पुराने वाहनों को लेकर आदेश जारी किए थे। आदेशों के अनुसार दिल्ली में 1 जुलाई से 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को ईंधन देने पर बैन लगा दिया गया था।
