भोपाल: मध्य प्रदेश में बीते दिनों से लगातार बारिश और ओलावृष्टि का कहर देखा जा रहा है. इसकी वजह से प्रदेश भर के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खेती में खड़ी फसलें बारिश की वजह से बर्बाद हो गई है. फसलों के नुकसान को लेकर सीएम शिवराज ने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक और कहा कि पीड़ित किसानों के साथ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है.
सीएम ने बैठक के दौरान कहा कि मैं किसानों को भरोसा दिलाता हूं कि फसलों के नुकसान की पाई-पाई भरपाई की जाएगी. प्रदेश के 20 जिलों में असमय बारिश और ओलावृष्टि की जानकारी आई है. सरकार किसानों से साथ खड़ी है और 6 से 8 मार्च के लगभग हुई बारिश के दौरान पहले फेस का सर्वे पूरा हो चुका है. इसके साथ 16 से 19 मार्च तक दूसरे फेस का सर्वे शुरू हो चुका है. सभी जगह सर्वे दल गठित हो चुके हैं और सर्वे का काम चल रहा है.सर्वे दल में राजस्व, कृषि और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अमले को शामिल किया गया है.
अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सीएम ने कई निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि सर्वे में लापरवाही ना हो, पूरी ईमानदारी से सर्वे किया जाए और किसी भी प्रकार की कोई गलती न की जाए. रिवेन्यू, कृषि और पंचायत विकास के अमले को सर्वे में एक साथ शामिल किया जाए. सर्वे पूरा होने के बाद सूची को पंचायत के दफ्तर में लगा दिया जाए. सर्वे होने के बाद किसी किसान की आपत्ति आती है तो उसका भी निराकरण किया जाए. इसके अलावा कहा कि आरबीसी 6-4 के अंतर्गत फसल नुकसान की भरपाई की जाएगी. साथ ही साथ पशु हानि के भी नुकसान की भरपाई मध्यप्रदेश सरकार करेगी और फसल सर्वे का पूरा काम 25 मार्च तक हो जाएगा.
