मंगलवार को अखिल भारत हिंदू महासभा ग्वालियर में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे, नारायण आप्टे की बरसी पर उनकी पूजा अर्चना कर अखंड भारत का संकल्प लिया। साथ ही गांधी के हत्या के नाम से अमर रहे और जिंदाबाद के नारे लगाकर शहर के एक चौराहा को नाथूराम गोडसे की नाम पर कर वहां उनकी मूर्ति स्थापना की मांग उठाई।
अखिल भारत हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष लोकेश शर्मा व जिला उपाध्यक्ष रामकिशन राठौर ने बताया कि देश का विभाजन करने वाले कांग्रेस के मुखिया देश के राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी का प्रतिकार करने वाले नाथूराम गोडसे एवं नारायण आप्टे को 15 नवंबर 1949 में अंबाला की जेल में फांसी दी गई थी। हिंदू महासभा नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे को देश का विभाजन करने वालों प्रतिकार करने और फांसी पर चढ़ने के दिवस को नमन कर बलिदान दिवस के रूप में मना रही है। साथ ही केंद्र सरकार से मांग करती है कि गोडसे की अस्थियां आज भी अखंड भारत की संरचना होने तक विसर्जन के लिए रखी हुई हैं। भारत का विभाजन कर उसे खंड-खंड कर दिया गय था। हिंदू महासभा भवन में गोडसे व आप्टे के चित्रों पर माल्यार्पण कर आरती उतारकर उनका पूजन किया गया। इस दौरान वहां गोडसे जिंदाबाद व अमर रहे के नारे भी लगे। इस मौके पर हिंदू महासभा के जिला उपाध्यक्ष रामकिशन राठौर ने बताया कि आज गोडसे बरसी पर बलिदान दिवस मनाया गया है। साथ ही जिला प्रशासन से अपील की है कि जो गोडसे की मूर्ति उन्होंने जब्त की है वह वापस दी जाए। शहर के एक चौराहा को नाथूराम के नाम से किया जाए और वहां वह मूर्ति स्थापित की जाए।