इंदौर के पटेल नगर स्थित बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हुई दुर्घटना के मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। मामले में आयोग ने प्रकरण दर्जकर कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर स्पष्ट प्रतिवेदन मांगा है। आयोग ने अधिकारियों से पूछा है कि घटनास्थल पर बताई गई बावड़ी पर बने निर्माण को अतिक्रमण मानकर कब से उसे हटाए जाने की कार्यवाही नगर निगम द्वारा प्रारंभ की गई थी ? ऐसी कार्यवाही इस घटना के पूर्व तक क्यों नहीं हो सकी ? क्या इस संबंध में किसी न्यायालय अथवा अन्य किसी शासन के आदेश से ऐसी कार्यवाही न करने के संबंध में कोई स्थगन आदेश दिया गया था ? अतिक्रमण और जोखिमपूर्ण परिस्थिति में पाई गई ऐसी बावड़ी पर किए निर्माण को अतिक्रमण मान्य किए जाने के बाद भी इतने विलम्ब तक उसे हटाये जाने की कार्यवाही न किऐ जाने के संबंध में किन-किन अधिकारियों की जिम्मेदारी रही है ? इस संबंध में उनके विरूद्ध विभागीय स्तर पर नगर निगम, इंदौर द्वारा क्या कार्यवाही की गई है ? आयोग ने कहा है कि घटना के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन, मृतकों और घायलों की संख्या, उनके संबंध में शासन स्तर पर स्वीकृत मुआवजा राशि, इलाज आदि की व्यवस्थाओं के संबंध में स्पष्ट जानकारी भेजें।
प्रकरण की आयोग में सुनवाई चार मई होगी :
आयोग ने उपरोक्त दोनों अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटना की जांच कराकर इस संबंध में भी प्रतिवेदन दें, जिससे इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हो। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा की गई या प्रस्तावित कार्यवाही की भी स्पष्ट जानकारी दें। इस प्रकार के अतिक्रमण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में नगर निगम अथवा राज्य शासन की जानकारी में आने और उनको हटाये जाने के संबंध में कायज़्वाही प्रारंभ करने के उपरांत भी उसमें अनुचित विलम्ब न हो, इस संबंध में स्पष्ट निर्देश और संबंधित अधिकारियों के उत्तरदायित्व के निर्धारण की सीमा भी स्पष्ट करें। आयोग ने इन बिन्दुओं एक माह के भीतर जवाब मांगा है। प्रकरण की आयोग में अगली सुनवाई चार मई 2023 को होगी।
यह है पूरा मामला :
उल्लेखनीय है कि इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर हादसे में बीते गुरूवार को बावड़ी की छत धंस गई और लोग उसमें गिर गए। गुरुवार देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू दोबारा शुरू किया गया। आर्मी और प्रशासन की कई टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं। इस घटना में 36 लोगों की जान चली गई। 20 से ज्यादा लोगों का अभी इलाज चल रहा है।
मुख्यमंत्री पहुंचे इंदौर
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को इंदौर पहुंचे। घटनास्थल के पास एक धर्मशाला में पटेल समाज के लोग इकट्ठा हुए। यहां भीड़ ने शिवराज सिंह के खिलाफ हाय-हाय और मुर्दाबाद के नारे लगाए। बता दें कि हादसे में पटेल समाज के 11 लोगों की मौतें हुई है। वहीं पटेल समाज के पदाधिकारियों ने कहा- जिन लोगों के यहां मौत हुई है। हालाकि मुख्यमंत्री का पहले परिवार से मिलने व उनकी पीड़ा जानने का प्रोगाम था। बाद में कार्यक्रम कैंसिल कर दिया गया।
