दिल्ली के उत्तम नगर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी और देवर (पति के चचेरे भाई) के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की। शुरू में यह मौत करंट लगने से हुई बताई गई थी, लेकिन बाद में व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम चैट से साजिश का पर्दाफाश हो गया।
घटना कब और कैसे हुई?
यह मामला 12 जुलाई की रात का है। आरोपी पत्नी सुष्मिता ने अपने पति करण के खाने में 15 नींद की गोलियां मिला दीं। उसका इरादा था कि ज्यादा दवाइयों की वजह से करण की मौत हो जाए। लेकिन जब काफी देर तक कोई असर नहीं हुआ, तो सुष्मिता घबरा गई और उसने अपने देवर और प्रेमी राहुल से चैट के जरिए मदद मांगी।
चैट में क्या बातचीत हुई?
सुष्मिता ने राहुल से पूछा, “एक बार देख लो कि दवा लेने के बाद मरने में कितना समय लगता है। उसे खाना खाए तीन घंटे हो गए हैं। न उल्टी हुई, न पॉटी, कुछ नहीं, और न ही मर रहा है। तो फिर हमें क्या करना चाहिए?”
इस पर राहुल ने सलाह दी, “अगर कुछ नहीं समझ आ रहा है तो उसे बिजली का झटका दो।”
सुष्मिता ने फिर पूछा, “इलेक्ट्रिक शॉक देने के लिए उसे कैसे बांधें?”
राहुल ने जवाब दिया- टेप से।”
इसके बाद सुष्मिता ने बताया, “वह बहुत धीरे-धीरे सांस ले रहा है।”
राहुल ने कहा, “जितनी दवाइयां हैं, उसे दे दो।”
सुष्मिता ने कहा, “मैं उसका मुंह नहीं खोल पा रही, बस पानी डाल सकती हूं। तुम आ जाओ, शायद मिलकर दवा दे सकें।”
हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश
जब दवाइयों का असर नहीं हुआ, तो आरोपियों ने करण को बिजली का झटका दिया ताकि यह मौत दुर्घटनावश करंट लगने से हुई लगे। सुष्मिता ने फिर अपने ससुराल में जाकर बताया कि करण को करंट लगा है। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम और राज से पर्दा
करण के पिता और आरोपी राहुल ने पोस्टमार्टम का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने संदेह होने पर फिर भी जांच करवाई। इस दौरान करण के छोटे भाई कुणाल ने पुलिस को राहुल और सुष्मिता के बीच हुई चैट दिखाई, जिससे साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस ने जांच के बाद सुष्मिता और राहुल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।
