उज्जैन, शहर के भैरवगढ़ स्थित केंद्रीय जेल के 100 कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों से 15 करोड़ रुपये की राशि गबन के मामले में शनिवार को पुलिस ने जेल अधीक्षक उषा राज को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी और बयान दर्ज करने के बाद उन्हें रविवार को दोबारा थाने पर आने की हिदायत देकर छोड़ दिया था, लेकिन रविवार को अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई. जेल अधीक्षक उषा राज की बेटी ने पुलिस को बताया कि उनकी मां को हार्ट अटैक आ गया है और वे इंदौर के अस्पताल में भर्ती हैं.

गौरतलब है कि केंद्रीय जेल भैरवगढ़ के 100 कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों से जेल के सहायक लेखा अधिकारी रिपुदमन सिंह और शैलेंद्र सिंह सिकरवार ने 15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाल ली थी. आरोपितों ने जेल अधीक्षक की आईडी व पासवर्ड का उपयोग कर ही गबन कांड को अंजाम दिया था. पुलिस ने जेल अधीक्षक उषा राज को बयान दर्ज करने के लिए शनिवार को कार्यालय से हिरासत में लिया था. देर शाम तक उनसे पूछताछ की गई. इसके बाद रविवार को वापस थाने आने की हिदायत देकर छोड़ दिया, लेकिन रविवार को वे दोबारा थाने नहीं पहुंचीं.

भैरवगढ़ थाना प्रभारी प्रवीण पाठक ने बताया कि जेल अधीक्षक को बुलाने के लिए फोन लगाया तो उनकी बेटी ने फोन उठाया था. उसका कहना था कि मां की तबीयत खराब हो गई है. हार्ट अटैक आने के बाद इंदौर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

इधर, पुलिस गबन कांड के मुख्य आरोपित रिपुदमन व शैलेंद्र सिंह की तलाश कर रही है. दोनों आरोपितों के रिश्तेदारों के यहां भी पुलिस जाएगी. हालांकि अभी तक आरोपित फरार हैं.