उज्जैन: प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के दरबार में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 50% कमीशन का आरोप लगाते हुए भगवान महाकाल के नाम पर एक चिट्ठी सौंपी है. कमलनाथ ने यह भी फैसला किया है कि यदि उनकी सरकार बनेगी तो पहली बैठक महाकाल लोक में होगी. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सावन माह के छठे सोमवार भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे.
कमलनाथ ने भगवान महाकाल के दरबार में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की. इसके अलावा उन्होंने पालकी को कंधा भी लगाया. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में घोटाले की सरकार चल रही है. इसी वजह से उन्होंने भगवान महाकाल को एक पत्र सोपा है.
भगवान महाकाल से कमलनाथ ने यह प्रार्थना की है कि मध्य प्रदेश की भ्रष्ट और घोटाले की सरकार का अंत हो जाए. पूर्व मुख्यमंत्री का यह भी कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनेगी तो पहले कैबिनेट की बैठक महाकाल लोक में की जाएगी ताकि भगवान महाकाल के आशीर्वाद से कांग्रेस की सरकार अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण कर सके. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कमीशन और घोटालेबाजी की बात हर जगह आम लोगों द्वारा उठाई जा रही है. उन्होंने भगवान महाकाल को जो पत्र सौंपा है उसमें भ्रष्टाचार की जननी पार्टी संबोधित करते हुए बीजेपी सरकार पर निशान साधा है.
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने महाकाल लोक के निर्माण में भी भ्रष्टाचार किया है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार-पांच महीना में सरकार ने कई बड़े ठेके निकले ताकि उन्हें कमीशन मिल सके. गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सहित कांग्रेस के कई नेताओं के खिलाफ 50% कमीशन का आरोप लगाने पर इंदौर में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है. बावजूद इसके उनके द्वारा लगातार भाजपा सरकार पर हमले बोले जा रहे हैं.
