भिंड: मध्य प्रदेश में कुछ दिनों पहले खाद की समस्या को लेकर भिंड जिले के विधायक नरेंद्र कुशवाहा और कलेक्टर का विवाद जमकर चर्चा में रहा था. जबकि अब एक बार फिर भिंड जिला चर्चा में है, क्योंकि इस बार किसानों को खाद के बदले लाठियां मिली हैं. सोमवार सुबह भारी संख्या में किसान खाद के लिए लाइन में लगे हुए थे, इसी दौरान एक प्रधान आरक्षक ने बिना किसी उकसावे के शांतिपूर्ण खड़े किसानों पर अचानक लाठीचार्ज कर दिया. इस घटना के बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. बताया जा रहा है कि एसपी ने आरक्षक को संस्पेंड कर दिया है.
दरअसल, बीते शुक्रवार, शनिवार और रविवार को सरकारी छुट्टी के चलते खाद वितरण बंद था, ऐसे में सोमवार सुबह 3 बजे से ही किसान सहकारी संस्था के खाद वितरण केंद्रों पर पहुंचने लगे थे. लहार स्थित केंद्र पर भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती की थी. सुबह 11 बजे जैसे ही कर्मचारियों ने टोकन वितरण शुरू किया, किसान व्यवस्थित ढंग से कतार में लग गए, तभी ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक रामराज गुर्जर अचानक आक्रोशित हो उठे और शांतिपूर्वक खड़े किसानों को जानवरों की तरह हांकते हुए लाठियां बरसाना शुरू कर दिया. इस बर्बर लाठीचार्ज में चार किसान घायल हो गए. घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला पुलिस अधीक्षक असित यादव के संज्ञान में पहुंचा, उन्होंने तत्काल प्रभाव से प्रधान आरक्षक रामराज गुर्जर को निलंबित करते हुए पुलिस लाइन अटैच कर दिया है. भिंड जिले में बीते कुछ समय से खाद की किल्लत बनी हुई है, ऊपर से इस तरह किसानों पर लाठीचार्ज की घटना गुस्सा बढ़ा रही है.
बता दें कि खाद की वजह से ही 27 अगस्त को कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और स्थानीय विधायक नरेंद्र कुशवाहा के बीच भी तीखा विवाद हो चुका है, जो अभी तक शांत नहीं हो सका है, प्रशासन दावा करता है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है. किसानों को खाद की जगह लाठियां मिल रही हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि भिंड में खाद संकट गहराता जा रहा है. वहीं इस घटना के बाद किसानों में भारी नाराजगी है, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक विफलता और कुप्रबंधन का खामियाजा अन्नदाता को भुगतना पड़ रहा है. जहां उन्हें राहत और सहयोग की आवश्यकता थी, वहां उन्हें पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा.
