इंदौर लोकायुक्त पुलिस की  टीम ने बड़वानी जिले के अंजड़ थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल और आरक्षक पवन प्रजापति पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने एक ज्वेलर्स संचालक जयराज चौधरी को पुराने आत्महत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त टीम ने आरक्षक पवन प्रजापति को रिश्वत की पहली किस्त  15 हजार की लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।शिकायतकर्ता जयराज चौधरी अंजड़ में डायमंड ज्वेलर्स संचालित करते हैं।  उन्होंने लोकायुक्त इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल ने एक व पुराने भारत बर्फा आत्महत्या मामले में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। आरोपी ने केस खत्म करने के बदले आरक्षक पवन प्रजापति के माध्यम से “खर्चा पानी” के रूप में 50,000 रुपए की मांग की थी।

लोकायुक्त ने 15 हजार लेते पकड़ा रंगे हाथों

लोकायुक्त एसपी इंदौर के निर्देश पर टीम ने शिकायत का सत्यापन किया, जो सही पाया गया। सत्यापन के दौरान ही आरक्षक पवन प्रजापति ने जयराज चौधरी से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 15,000 रुपए प्राप्त कर लिए। शेष राशि बाद में देने का सौदा तय हुआ था, जिसके आधार पर लोकायुक्त ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी उपनिरीक्षक महावीर सिंह चंदेल और आरक्षक पवन प्रजापति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 और बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई में डीएसपी सुनील तालान के नेतृत्व में आरक्षक विजय कुमार, आशीष नायडू और अन्य सदस्य शामिल रहे।