लुधियाना और बठिंडा के बाद कोटकपूरा के 2 गांवों की पंचायतों ने भी गांव में शादी करने पर बहिष्कार करने निर्णय लिया है। साथ ही गांव में बिना आधार कार्ड वाले बाहरी लोगों के रहने पर भी पाबंदी लगा दी है। शनिवार को गांव सिरसड़ी और अनोखपुरा की पंचायत ने बैठक कर 3 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए।
गांव के लड़का-लड़की आपस में शादी करते हैं, तो उनका किया जाएगा बहिष्कार
पहला प्रस्ताव यह है कि यदि गांव के लड़का-लड़की आपस में शादी करते हैं, तो उनका बहिष्कार किया जाएगा। दूसरा प्रस्ताव यह है कि जिन व्यक्तियों के पास आधार या वोटर कार्ड नहीं है, उन्हें गांव में रहने की अनुमति नहीं होगी। तीसरा प्रस्ताव नशे पर रोक लगाने को लेकर है। अब यदि गांव में किसी ने नशा करने या बेचने वालों का समर्थन किया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंचायतों ने यह प्रस्ताव गांव के लोगों की सहमति से किया पास
सिरसड़ी की सरपंच ज्ञान कौर और अनोखपुरा के सरपंच बलजीत सिंह की अगुवाई में दोनों गांवों की पंचायतों ने यह प्रस्ताव गांव के लोगों की सहमति से पारित किए गए हैं। सरपंच ज्ञान कौर और सरपंच बलजीत सिंह ने बताया कि पंचायतों ने पंजाब सरकार और सिविल व पुलिस प्रशासन से इस प्रस्ताव को राज्यभर में लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही, पंजाब विधानसभा में इस मुद्दे पर विचार करने की भी मांग की गई है ताकि ऑनर किलिंग को रोका जा सके।
ऑनर किलिंग एक गंभीर मुद्दा
उन्होंने कहा कि ऑनर किलिंग एक गंभीर मुद्दा है, जो गांवों में झगड़ों का कारण बनता है। इसके अलावा, नशे के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि इस पर नियंत्रण पाया जा सके। इस दौरान नंबरदार कुलदीप सिंह गिल, चरत सिंह गिल, पंच बलवीर सिंह, आकाशदीप सिंह, सुखदीप कौर, विक्र मजीत सिंह, जसपाल कौर, जसप्रीत कौर, बलराज सिंह, जगदीप सिंह, नछत्तर सिंह ढिल्लों, गुरतेज सिंह, बलजीत सिंह, गुरजंट सिंह, बलविंदर कौर आदि उपस्थित थे।
