वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने दिया प्रमाण-पत्र
– 78 हजार 961 लाख रुपये के विकास कार्यों का हुआ भूमि-पूजन और लोकार्पण

भोपाल । मनावर के नजदीक ग्राम बालीपुर धाम के मां अम्बिका आश्रम में सोमवार को ब्रह्मलीन संत गजानन्द महाराज के जन्मोत्सव के दौरान अनुयाइयों ने इतिहास रच दिया। समूचे विश्व में एक साथ नशा छोड़ने की शपथ इतने सारे व्यक्तियों ने कभी नहीं ली। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वृहद नशामुक्ति शपथ दिलाई। ज़िला प्रशासन और बालीपुर धाम को वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स के भरत शर्मा और हिमांशु तिवारी ने प्रमाण-पत्र सौंपा।

इसके पहले मुख्यमंत्री चौहान सपत्निक अम्बिका धाम में श्री श्री 1008 गजानन जी महाराज के 103वें जन्मोत्सव पर भक्त के रूप में दर्शन करने पहुंचे और पूजन-अर्चन कर पौधा-रोपण भी किया। उन्होंने संत योगेश महाराज का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालीपुर धाम अद्भुत स्थल है, यहां आकर मैं धन्य हो गया हूं। गुरुदेव ने यहां से प्रदेश के लाखों लोगों को सद्बुद्धि दी हैं और सम्मान से रहना सिखाया है। यह एक ऊर्जा सिद्ध क्षेत्र है। बालीपुर धाम में जो नशा मुक्ति का अभियान चल रहा है उसके लिए मैं पूरी तरह समर्पित हूँ। आज गुरू भक्तों का यह कार्य अद्भुत हैं। इस अभियान को बढ़ाने के लिए हम अपना पूरा योगदान देंगे। शराब की दुकानों के अहाते को 1 अप्रैल से बंद किया जाएगा। नशा, बुद्धि, स्वास्थ्य, परिवार और पैसे को बिगाड़ता है, नशा नाश की जड़ है।

मुख्यमंत्री ने कहा की बहनें अपनी छोटी-मोटी जरूरतों और पैसों की आवश्यकता के लिए परेशान न हो, इसलिए हर महीने बहनों को एक-एक हजार रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था लाड़ली बहना योजना के रूप में की गई है। जिन परिवारों की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम है, जिनके पास पांच एकड़ से कम भूमि है और जिन परिवारों में कोई आयकरदाता नहीं हो, ऐसे परिवारों की 23 से 60 आयु वर्ग की बहनें योजना के लिए पात्र हैं। बहनों को यह राशि उपलब्ध कराने से उनके साथ पूरे परिवार का भी कल्याण होगा। योजना के लिए 25 मार्च से 30 अप्रैल तक आवेदन भरे जाएंगे। मई माह में आवेदनों की जाँच होगी और 10 जून को पहली किस्त बहनों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। जिन बहनों के बैंक खाते नहीं हैं, उनके खाते खुलवाने में भी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवेदन के लिए समग्र आईडी और आधार नम्बर आवश्यक है। मूल निवासी और आय प्रमाण-पत्र आदि की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना ने जब से मूर्तरूप लिया। तब से बेटियों के लखपति होने के साथ ही बेटियों को पढ़ाई में मदद के लिए किताबें, यूनिफार्म, साइकिल आदि की व्यवस्था की गई है। मजदूर बहन, बेटा-बेटी के जन्म के बाद आराम कर सके, इसके लिए संबल योजना में जन्म से पहले 4 हजार और जन्म के बाद 12 हजार रुपये देने की व्यवस्था की गई। उन्होंने माईक्रो इरीगेशन सिंचाई परियोजना में मनावर मरियापुरा, सोल्यापुरा तालाब, गुलाटी को भी जोड़ने, जल जीवन मिशन में विकासखण्ड कुक्षी, निसरपुर एवं डही की नर्मदा नदी आधारित 105 ग्रामों की रेट्रोफिटिंग समूह नल-जल प्रदाय योजना की माँग पर परीक्षण कराने की बात कही। इसी तरह जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले के फ्लोराईड प्रभावित क्षेत्र के विकासखण्ड गंधवानी, मनावर, सरदारपुर, धरमपुरी, उमरबन, नालछा, तिरला के 233 ग्रामों में 06 समूह जल-प्रदाय योजनाओं की मांग पर परीक्षण की बात कही। मुख्यमंत्री ने 78 हजार 961 लाख रुपये की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया।

धार जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख आवास पूर्ण होने पर हितग्राहियों की ओर से मुख्यमंत्री को धन्यवाद पत्र सौंपा गया। साथ ही मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ कर 84 हजार 879 दीदियों ने अपनी वार्षिक आमदनी एक लाख रुपये से ज्यादा कर लखपति क्लब में शामिल होने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रेमसिंह पटेल, सांसद छतर सिंह दरबार, गजेन्द्र सिंह, डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी सहित जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।