ग्वालियर: भाजपा विधायक और सिंधिया समर्थक जजपाल सिंह जज्जी को चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है. बता दें कि उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट से जाति प्रमाण पत्र वाले मामले में स्टे की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने उसे निरस्त कर दिया है. उनके खिलाफ जाति प्रमाण पत्र को गलत बताने की याचिका भाजपा नेता लड्डू राम कोरी ने हाईकोर्ट में दायर की थी.

अपने खिलाफ दायर याचिका को चुनौती देते हुए अशोकनगर से विधायक जजपाल सिंह जज्जी ने कोर्ट में याचिका दायर की थी. साथ ही साथ सुनवाई पर स्टे का आग्रह किया था. लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है और इस मामले की सुनवाई 4 मई को की जाएगी. जजपाल सिंह जज्जी के खिलाफ साल 2019 में याचिका दायर की गई थी. जिसमें याचिकाकर्ता भाजपा नेता लड्डू राम ने जजपाल सिंह जज्जी का निर्वाचन रद्द करने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि जज्जी ने जाति प्रमाण पत्र में गलत जानकारी दी है.

उनके अनुसार जज्जी पंजाब के मूलनिवासी है और कीर जाति से आते हैं ये जाति पंजाब में अनुसूचित जाति की श्रेणी में आती है. लेकिन मध्य प्रदेश में ये जाति सामान्य वर्ग में आती है. इस हिसाब से जज्जी को आरक्षण नहीं दिया जा सकता है. इसके अलावा याचिका में उन्होंने कहा था कि वो मूल रुप से पंजाब के रहने वाले हैं उनका जाति प्रमाण पत्र वहीं बनेगा और मान्य होगा. उनकी इस याचिका के बाद ये मामला हाईकोर्ट में लंबित पड़ा था. जिसको लेकर हाईकोर्ट आने वाली 4 मई को सुनवाई करेगा.

विधायक जजपाल सिंह जज्जी सिंधिया के करीबी माने जाते हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश में तख्ता पलट के बाद भाजपा ज्वाइन कर ली थी. इसके अलावा कहा जा रहा है कि सीएम शिवराज कैबिनेट विस्तार में जज्जी को भी मौका मिल सकता है. ऐसे में कोर्ट के इस फैसले से जज्जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.