भोपाल । अब प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के तेजस्वी कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को विद्यालयीन समय से ही नवीन उद्योगों और स्व व्यवसाय की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए अलग से पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। विद्यालयों में इस पाठ्यक्रम के आधार पर सप्ताह में तीन दिन 40-40 मिनिट की विशेष कक्षाएं लगेंगी। इसके साथ ही विभिन्न नवाचारी व्यवसायों पर आधारित अनुभव आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रोजेक्ट कार्य भी संचालित होंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों में उद्यमी विश्वास एवं कौशल विकसित करने के उददेश्य से तैयार किए गए तेजस्वी कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए गुरूवार को मंत्रालय में बहुपक्षीय एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। सह समझौता पत्र (एमओय) आयुक्त लोक शिक्षण, राज्य ओपन स्कूल एवं सहयोगी संस्था उदृयम लर्निंग फ ाउंडेशन और द एजुकेशन एलायंस के बीच हस्ताक्षरित किया गया। सभी पक्षों के मध्य हस्ताक्षर के बाद  एमओयू की प्रति स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरूण शमी को सौपी गई। इसके लिए आवश्यक लागत राशि भी कार्यक्रम अंतर्गत शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे शालेय विद्यार्थी स्व रोजगार और नये उद्दयमों की स्थापना हेतु प्रेरित हो सकेंगे।

भोपाल और इंदौर के सरकारी स्कूलों में होगा शुरू :

प्रायोगिक तौर पर यह कार्यक्रम अभी प्रदेश के दो महानगारों भोपाल और इंदौर के शासकीय विद्यालयों की कक्षा नवमीं और ग्यारहवीं के विद्यार्थियों के लिए प्रारंभ किया जा रहा है, जिसे भविष्य में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के मध्यसंपूर्ण प्रदेश में सचालित किया जा सकेगा।   लोक शिक्षण आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कितेजस्वी एमपी कार्यक्रमÓपाठ्यक्रम के अंतर्गत भोपाल और इंदौर के 301 शासकीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं के लगभग 44,780 विद्यार्थी तथा तेजस्वी एमपी सामाजिक और व्यवसायिक नवाचार चैलेंज कार्यक्रम में इन्हीं दोनो नगरों के 176 विद्यालयों के 11वीं कक्षा के 22,738 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

तेजस्वी नागरिकों का निर्माण होगा : स्कूल शिक्षा मंत्री

इस संबंध में स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिस दृष्टिकोण के साथ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की कल्पना की है और स्वावलंबी तथा कर्मठ युवा समाज की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश युवा नीति घोषित की है, उसी तारतम्य में हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप स्कूली विद्यार्थियों में व्यवसायिक दक्षताओं एवं जीवन कौशल विकसित करने के लिए दृढ संकल्पित है। इसी दिशा में आज स्कूल शिक्षा एवं सहयोगी संस्थाओं के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस कार्यक्रम से तेजस्वी नागरिकों का निर्माण होगा।

योग्यताएं एवं व्यवसायिक दृष्टिकोंण विकसित करना आवश्यक  : प्रमुख सचिव

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा रश्मि अरुण शमी ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना के अनुरूप हाल ही में घोषित मप्र  की युवा नीति को जोड़ते हुए भविष्य की कल्पनाओं को साकार करने के लिए शाला स्तर से ही विद्यार्थियों में चुनौतियों का सामना करने की योग्यताएं एवं व्यवसायिक दृष्टिकोंण विकसित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री के दिशा निदेर्शोंं के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग विद्यार्थियों में यही गुण विकसित करने के लिए तेजस्वी कार्यक्रम प्रारंभ कर रहा है।