बड़वानी, 17 अगस्त . प्रथम अपर सत्र न्यायालय कैलाश प्रसाद मरकाम बड़वानी ने पारित अपने फैसले रिश्वत लेने के आरोपित पंचायत सचिव को दोषी ठहराते हुए विभिन्न दाराओं में चार वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है. मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी एसएस अजनारे द्वारा की गई.

अभियोजन Media प्रभारी कीर्ति चौहान ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 4 फरवरी 2016 को आवेदक नसरू पुत्र ज्ञानसिंह तोरोले ग्राम किडीअम्बा तहसील सेंधवा ने लोकायुक्त कार्यालय Indore में उपस्थित होकर एक टाईपशुदा शिकायत आवेदन दिया था. जिसमें पत्र सहमति पत्र व मोबाईल फोन से रिकार्ड की गई रिकार्डशुदा मेमोरी कार्ड सहित Police अधीक्षक लोकायुक्त Indore के समक्ष पेश किया. आवेदक के गांव के 13 लोगों के राशन कार्ड बनवाने एवं 10 लोगों के वद्धावस्था पेन्शन फार्म अग्रेषित करवाने के लिए ग्राम पंचायत किडीअम्बा के सचिव संजय जायसवाल के पास गया, तो आरोपित संजय (अनावेदक) द्वारा आवेदक से 500 प्रति आवेदन पत्र के हिसाब से 11500 रुपये रिश्वत की मांग की. 03 फरवरी 2015 को आरोपित ने आवेदक के मोबाईल पर फोन लगाकर आवेदक को 10 हजार रुपये रिश्वत राशि लेकर सेंधवा बुलाया. आवेदक द्वारा इस संबंध अपने गांव के संबंधित हितग्राहियों से अनावेदक के द्वारा रिश्वत मांग की चर्चा की गई, तो हितग्राहियों ने अनावेदक को रिश्वत राशि देने से मना किया और लोकायुक्त Police में कार्यवाही करने की अपनी लिखित सहमति आवेदक को दी आवेदक एवं इसके गांव के लोग अनावेदक संजय जायसवाल को रिश्वत नहीं देना चाहते हैं, बल्कि उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकडवाना चाहते हैं.

लोकायुक्त की टीम ने आरोपित पंचायत सचिव संजय जायसवाल को योजनाबद्ध तरीके से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया. आरोपित संजय (40) पुत्र राधेश्याम जायसवाल निवासी ग्राम चाचरिया थाना सेंधवा ग्रामीण जिला बड़वानी के विरूद्ध अपराध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 का अपराध घटित होना पाया जाने से अपराध सदर कायम कर विवेचना में लिया गया. फरियादी/आवेदक की रिपोर्ट पर से विशेष Police स्थापना लोकायुक्त Indore पर अपराध क्रं. 42/16 धारा 7, 13(1)डी, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अंतर्गत आरोपित के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया. विवेचना उपरांत न्यायालय मे चालान पेश किया गया.

अदालत ने आरोपित संजय जायसवाल को रिश्वत लेने के आरोप में धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं धारा 13(1)(ए) धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में 4-4 वर्ष एवं 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया..