भोपाल। प्रदेश के लगभग एक दर्जन के लगभग आईपीएस अफसर इन दिनों अपनी मूल पेंशन पाने को मोहजात है। इसलिए चलते इन्हें रिटायर होने के बाद गुजारा भत्ते पर ही अपना और अपने परिवार की गुजर बसर करना पड़ रही है। इस परेशानी के कारण उनकी सेवा काल के वे काम हैं, जिन्होंने इन अफसरों को कटघरे में खड़ा कर रखा है। जिनकी मूल पेंशन रुकी हुई है। ये  रिटायर आईपीएस अफसर भ्रष्टाचार, घपले, कदाचरण और एक से अधिक शादियों (पॉलिगेमी) जैसे गंभीर आरोपों की जांच में अब तक उलझे हुए हैं।

महान भारत सागर
होमगार्ड डीजी रह चुके सागर वर्ष 2020 में रिटायर हुए थे। उनके खिलाफ लोकायुक्त में जांच चल रही है। इसके चलते पेंशन के लिए उन्हें शासन से एनओसी नहीं मिल सकी। उन पर टोपी खरीदी में घोटाला करने का आरोप हैं, जिसमें जांच लोकायुक्त में जारी है।

संजय माने
एडीजी रहते वर्ष 2021 में रिटायर हुए थे। संजय माने की भी जांच चल रही है। कमलनाथ सरकार के दौरान ये सवालों के घेरे में आए थे। इन्हें ही पेंशन के लिए एनओसी नहीं मिल सकी। अब गुजारा भत्ता ही मिल रहा है।

सीएस मालवीय
ये वर्ष 2011 में रिटायर हुए थे। इनकी विभाग में ही चार जांच चल रही है। चारों जांच बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इन्हें भी रिटायर होने के 11 साल बाद भी पूरी पेंशन की पात्रता नहीं मिल सकी। ये अब भी गुजारा भत्ता पर ही आश्रित हैं।

जन्मतिथि बदलने का लगा आरोप
पीआर माथुर: वर्ष 2013 में रिटायर हुए आईपीएस पीआर माथुर पर आरोप है कि उन्होंने अपनी जन्मतिथि ही बदल दी थी। इस संबंध में उनके खिलाफ एफआईआर भी हुई थी। विभाग में भी जांच चल रही है। इसके चलते उनकी पेंशन अब तक रूकी हुई है।

जेल जाने के कारण अटकी पेंशन
आरके शिवहरे: वर्ष 2017 में रिटायर हुए शिवहरे का नाम व्यापमं के महाघोटाले में खासा चर्चित हुआ था। उन्हें प्रदेश की एसटीएफ ने गिरफ्तार भी किया था। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है। इसके चलते उनकी पेंशन रूकी हुई है।

आरएस मीणा
कमांडेंट रहते मीणा वर्ष 2021 में रिटायर हुए थे। मीणा वैसे तो वर्ष 2000 बैच के आईपीएस अफसर थे, लेकिन उन्हें एसपी के आगे पदोन्नति नहीं मिल सकी। इन पर जाति प्रमाण पत्र के साथ ही दो शादियां करने के मामले में विभागीय जांच चल रही है।

आरसी छारी
ये वर्ष 2009 में रिटायर हुए थे। इन पर आरोप है कि इन्होंने दो शादियां की थी। इस मामले की जांच चल रही है। रिटायर होने के बाद से अब तक इन्हें गुजारा भत्ता ही मिल रहा है।