नई दिल्ली। 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 12वीं बार तिरंगा फहराया और देश को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी। पीएम ने अपने भाषण में कहा कि आतंकवाद और पानी साथ नहीं चल सकते और सिंधु जल संधि पर दो टूक रुख अपनाते हुए साफ कर दिया – “खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे।”
आतंकवाद और न्यूक्लियर ब्लैकमेल पर सख्त रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारा देश दशकों से आतंकवाद झेल रहा है। अब भारत ने तय किया है कि आतंकियों और उन्हें पालने वालों को अलग-अलग नहीं माना जाएगा।”
उन्होंने चेतावनी दी कि परमाणु धमकियों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और कहा कि “न्यूक्लियर ब्लैकमेल अब नहीं सहेंगे। सेना जो समय, तौर-तरीका और लक्ष्य तय करेगी, उस पर अमल होगा।”
सिंधु जल संधि पर ऐतिहासिक बयान
पीएम मोदी ने सिंधु जल संधि को भारत के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा –“ये समझौता ठीक नहीं है। सिंधु का पानी दुश्मन की धरती को सींच रहा है और मेरे देश की जमीन प्यासी है। यह हमारे किसानों का हक है, अब इसे और नहीं सहेंगे।”
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में सिंधु जल संधि स्थगित ही रहेगी, जिससे पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी के मुख्य संदेश
- आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
- पाकिस्तान को सिंधु जल पर सख्त चेतावनी
- न्यूक्लियर धमकियों का जवाब देने की तैयारी
- किसानों के हित में जल संसाधनों का उपयोग
