मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। हालात इतने गंभीर हो गए कि शिवपुरी जिले में सेना की मदद लेनी पड़ी। प्रशासन और राहत एजेंसियों ने अब तक करीब 2,900 लोगों, जिनमें 27 स्कूली बच्चे भी शामिल हैं, को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
शिवपुरी और गुना में सबसे खराब हालात
शिवपुरी जिले में भारी बारिश के कारण कई गांवों में पानी भर गया है। बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए सेना को राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया। वहीं, गुना जिले में भी हालात चिंताजनक हैं। यहां एक पुल ढह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
अगले 24 घंटे और खतरनाक, भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भोपाल, विदिशा, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, अशोकनगर, गुना और शिवपुरी सहित कई जिलों में अगले 24 घंटों में 8 से 9 इंच तक बारिश होने की चेतावनी दी है। इससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव सक्रिय मोड में
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने होमगार्ड मुख्यालय में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर बारिश से बने हालात की समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि, “जान-माल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जलमग्न क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालना सुनिश्चित किया जाए।”
सीएम ने सभी राहत एवं बचाव दलों को सतर्क और पूरी तैयारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि हर ज़रूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।
आपदा नियंत्रण केंद्र से की निगरानी
सीएम मोहन यादव ने आपदा नियंत्रण कक्ष से सीधे जिलों में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से संवाद कर जमीनी हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अब तक राज्यभर में 2900 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
