इंदौर: इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी. इस मामले में अब मेघालय पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. जिसमें खुलासा हुआ है कि राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश उसकी पत्नी सोनम ने अपने प्रेमी और तीन सुपारी किलर्स के साथ मिलकर रची थी. हनीमून ट्रिप पर खेला गया यह खौफनाक खेल किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. पुलिस की चार्जशीट में दर्ज कहानी सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे.
मेघालय पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक राजा रघुवंशी के कत्ल की मुख्य साजिशकर्ता और आरोपी नंबर 1 कोई और नहीं राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी है. सोनम के अलावा को कॉंस्पिरेटर के तौर पर दूसरा नाम सोनम के आशिक राज सिंह कुशवाहा का है. इन दोनों के अलावा इस चार्जशीट में तीन और नाम है. आकाश सिंह राजपूत, विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी. ये वही तीनों कातिल हैं जिन्हें सोनम और राज कुशवाहा ने राजा के कत्ल के लिए चुना था. यानि चार्जशीट के हिसाब से राजा के कत्ल के कुल पांच किरदार हैं. और यही हैं वो पांचों किरदार.
चार्जशीट के मुताबिक, 23 मई को दिन में सोहरा के करीब विशाल सिंह चौहान ने तेजधार हथियार दाव से राजा पर पहला वार किया था. पहला वार ही बेहद घातक था. जिस वक्त विशाल ने राजा पर पहला वार किया तब उसके आसपास बाकी दो हत्यारे यानि आकाश और आनंद भी खड़े हुए थे. साथ ही वहीं बिल्कुल करीब सोनम भी खड़ी थी. दाव के पहले वार से राजा दर्द से तड़प उठा. बेतहाशा खून बहने लगा. शायद वो कातिलों की मंशा समझ चुका था. तड़पते हुए वो अब गिड़गिड़ाने लगा. दर्द की वजह से वो चीख भी रहा था.
अब तक सब कुछ पास खड़ी अपनी आंखों से देख रही सोनम राजा की तड़प और चीख नहीं सुन सकी. वो उसका खून देखकर भी घबरा गई. शायद वो राजा से नजरें भी नहीं मिलाना चाहती थी. इसीलिए तुरंत वो राजा से दूर चली जाती है. इसके बाद विशाल फिर से उसी दाव से कई बार राजा पर हमला करता है. थोड़ी देर बाद जब राजा की चीख खामोश हो जाती है, तब दूर पीठ पीछे किए खड़ी सोनम वापस लौटती है. विशाल से पूछती है कि राजा मर गया या अब भी जिंदा है. इसके बाद जब उसे यकीन हो जाता है कि राजा मर चुका है, तब तीनों कातिलों के साथ सोनम भी लाश उठाने में मदद करती है और फिर सब मिलकर उसे खाई में फेंक देते हैं. इसके बाद सोनम तीनों कातिल के साथ तेज कदमों से कुछ दूरी तक चलती है और फिर तीनों को एक जगह छोड़कर वहां से अकेले निकल जाती है.
चार्जशीट के मुताबिक, 23 मई से पहले सोनम ने अपने पति राजा को मारने की तीन और कोशिश की थी. पहली कोशिश 21 मई को गुवाहाटी में की गई थी. तीनों कातिल सोनम और राजा से पहले ही गुवाहाटी पहुंच गये थे लेकिन गुवाहाटी में ऐसी कोई सुनसान जगह नहीं मिली. ऊपर से तीनों कातिलों औऱ खुद सोनम के लिए गुवाहाटी एक नई और अनजान जगह थी. इसलिए 21 मई की पहली कोशिश नाकाम रही. इस पहली नाकाम कोशिश के बाद ही सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर अचानक मेघालय जाने का प्लान बनाया. 21 मई को सोनम और राजा मेघालय पहुंचे. पीछे-पीछे तीनों कातिल भी मेघालय पहुंच चुके थे क्योंकि सोनम लगातार फोन पर उन्हें अपना प्लान, रूट सब कुछ बता रही थी.
शिलांग पहुंचने के बाद 21 की शाम को ही राजा को मारने की दूसरी कोशिश की गई. इस बार एक खाई के किनारे सेल्फी लेने के नाम पर राजा को खाई में धक्का देने का प्लान था. लेकिन तेज बारिश के चलते ये दूसरी कोशिश भी नाकाम रही. इसके बाद अगले दिन यानि 22 मई को राजा को मारने की तीसरी कोशिश की गई. इस बार प्लान किराए की सकूटी पर राजा को किसी सुनसान जगह पर ले जाने का था. स्कूटी पर सोनम भी थी. तीनों कातिलों ने भी किराए की स्कूटी ले रखी थी. और लगातार सोनम के हिसाब से दोनों के पीछे पीछे थे. लेकिन जिस जगह राजा को मारना था, वहां कुछ लोकल लोग आ जा रहे थे. सोनम और कातिल डर गए और उन्होंने ये प्लान ड्रॉप कर दिया. इस तरह तीसरी कोशिश भी नाकाम रही.
