इंदौर, इंदौर कलेक्टर कार्यालय में लेखा शाखा में पदस्थ एक बाबू द्वारा एक करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने का मामला सामने आया है. बताया गया है कि यहां पदस्थ अकाउंटेंट मिलाप चौधरी ने तीन साल में एक करोड़ रुपये अपनी पत्नी और उसकी निजी कंपनी के खाते में जमा कर दिए. जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर इलैय्या राजा टी ने बाबू को निलंबित कर दिया है, साथ ही जांच के आदेश दिए हैं.

इंदौर कलेक्टर इल्लैया राजा टी ने सोमवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बाबू ने पिछले तीन सालों में एक करोड़ रुपये की राशि पत्नी के खाते में डलवा दिए. कोरोना महामारी समय से ही यह गड़बड़ी चल रही थी, लेकिन किसी के पकड़ में नहीं आई. हाल ही में निरीक्षण के दौरान शक होने पर जब मामले पड़ताल की तो यह गडबड़ी पकड़ में आई. आरंभिक जांच में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की गडबड़ी सामने आई है. आशंका है कि यह रकम बढ़ भी सकती है. हमने इस बारे में एक जांच समिति गठित की है. इसकी रिपोर्ट आने के बाद दोषी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी करेंगे.