ग्वालियर। ऋषि सेवा समिति द्वारा सहयोग गार्डन तानसेन नगर में आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस उत्सव में जमकर बधाई लुटाई गई। बच्चे ही नहीं बूढे भी चॉकलेट व खिलोने लूटने के लिए बच्चे बन गए। इस उल्लास में बीज विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल, पूर्व सांसद अनूप मिश्रा, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, पूर्व पार्षद सुरजीत भदौरिया सम्मलित हुए तथा व्यासपीठ से आशीर्वद ग्रहण किया। कथा यजमान ज्योति दिनेश सिंह सिकरवार माता जशोदा एवं नंदबाबा बने, जिन्होंने बालकृष्ण के सुंदर स्वरूप का पूजन किया।

इस मौके पर राघव ऋशि ने कथा रस की वर्षा करते हुए कहा कि जब तक जीवन में आत्मबल नहीं बढ़ता है तब तक मन पवित्र नहीं होता है। भोजन से संतुष्ट हो जाओ लेकिन कभी भजन से संतुष्ट नहीं होना। उन्होंने कहा कि भगवान राम से हमें यह सीख मिलती है कि मर्यादित जीवन में दुखों के बाद ही सुख आते हैं,इसलिए दुखों क ी परवाह किए बगैर जीवन को संयम और मर्यादा के साथ जिएं।

उन्होंने कहा कि जितना जरूरी हो उतना ही धन भगवान से मांगों. अनवाश्यक धन संग्रह व्यर्थ है। धन नहीं दान पुण्य और कर्म मनुष्य के सात जाता है। वर्तमान के कर्मों से भविष्य बनता है। मन और भोगों से संतुष्ट न होना ही मनुष्य के दुख का कारण हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम तन मन धन भगवान के चरणों में अर्पण कर दें, तो जीवन धन्य हो जाएगा। शरीर से सेवा नहीं करोगो तो तन खराब हो जाएगा और विभिन्न बीमारियां घेर लेंगी। मन कलुषित रहेगा तो परिवार में क्लेश रहेगा। यदि आप चाहते हैं कि मरने के बाद भी लोग आपको न भूले तो दान अवश्य करें। दान की वजह से चार सौ साल बाद भी भामाशाह को याद किया जाता है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया इसलिए कहते हैं दान दिया संग, खाया पिया अंग, और जो बचाया उसमें लगेगी जंग। जो जरूरतमंदों की मदद करता है वो बड़ा होता है। धन बढ़ने से अनेक प्रकार के अवगुण आ जाते हैं। धन का दान करने से भगवान प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन ये अंहकार कभी न पालें कि मैंने दान किया है, यह अहंकार यदि आप भगवान के चरणों में अर्पण कर देंगे तो आपका उद्धार हो जाएगा।

आज होगी गोवर्धन की लीला

मंगलवार को पांचवे दिन की कथा में गोवर्धन लीला होगा। इस मौके पर गोवर्धन को छप्पन भोग लगाए जाएंगे। इसकी खासियत यह होगी कि सभी श्रद्धालु श्रोता अपने अपने घर से भगवान का भोग बनाकर लाएंगे और वही कथा विश्राम के वक्त सभी श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। जन्मोत्सव में भी श्रद्धालु भगवान के लिए टॉफी लेकर आए जिनका वितरण किया गया।

 इस मौके पर ऋषि सेवा समिति के आनंद मोहन अग्रवाल, संजय शर्मा, रामबाबू अग्रवाल, उमेश उप्पल, संतोष अग्रवाल, रामसिंह तोमर, धमेंद्र तोमर, आरती तोमर, पार्षद मंजूलता कुशवाह, पूर्व पार्षद सुरजीत सिंह भदौरिया, अशोक अग्रवाल, बल्लू शिवहरे, रामबाबू अग्रवाल, रामबाबू गोयल, राजकुमार शर्मा,अशोक यादव, बलवीर सिंह परमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे।