नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि अगर कोई वाहन चालक चालान नहीं भरता है तो पुलिस उसके वाहन को जब्त कर सकती है. कोर्ट ने कहा कि करीब 23 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का चालान बकाया है. इसे वसूलने की जरूरत है. कोर्ट ने आदेश दिया कि रैंडम तरीके से वाहनों की जांच की जाए और जिन वाहनों के चालान नहीं भरे गए हैं, उन्हें जब्त करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं.लाइव लॉ के मुताबिक एक मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ई-चालान काटने से समस्या का समाधान नहीं होने वाला है. कोर्ट ने कहा कि एक सिस्टम तैयार करना होगा. सभी राज्यों को यह सख्ती से निर्देश दिया जाता है कि वे वसूली के लिए जब्ती का तरीका अपनाएं.
23 हजार करोड़ की वसूली बाकी
एस. राजसीकरण बनाम भारत संघ के मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह फैसला दिया. इससे पहले कोर्ट ने भारत सरकार से ई-चालान का डेटा मांगा था. भारत सरकार के मुताबिक कुल 49 हजार करोड़ का ई-चालान पूरे देश में किया गया है. इनमें से 26 हजार करोड़ की वसूली की जा चुकी है. 23 हजार करोड़ की वसूली अभी तक नहीं की गई है.
किन लोगों के वाहन जब्त किए जाएंगे?
1. कोर्ट के फैसले के मुताबिक, ऐसे लोगों के वाहन जब्त किए जा सकते हैं, जिनके बार-बार ई-चालान कट रहे हैं और वे उनका भुगतान नहीं कर रहे हैं. यानी जिनके वाहन पर एक से ज्यादा ई-चालान बकाया हैं, पुलिस उनके वाहन को जब्त कर सकती है.
2. फैसले में कहा गया है कि पुलिस सड़क पर चल रहे वाहनों की रैंडम तरीके से जांच कर सकती है यानी पुलिस की जांच के दौरान अगर किसी वाहन पर बकाया ई-चालान मिलता है, तो उसे जब्त किया जा सकता है. पुलिस की पकड़ में अगर आपका वाहन नहीं आता है तो उसे जब्त नहीं किया जा सकता है.
वसूली के लिए ये उपाय भी अपनाएगी पुलिस
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि चालान वसूली के लिए सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कड़े उपाय अपनाएं. इनमें ऑनलाइन वाहन संबंधी सेवाओं को फ्रीज करना, स्वामित्व हस्तांतरण को रोकना, फिटनेस और पीयूसी प्रमाण पत्र देने से इनकार करना और परिवहन पोर्टल पर वाहनों को ब्लैकलिस्ट करना शामिल है.
