ग्वालियर। ग्वालियर से लगभग 115 किलोमीटर दूर स्थित उत्तर प्रदेश के जैतपुरा उदी मोड इटावा स्थित नवनिर्माण कार्य विहसंत सागर तीर्थधाम का शिलान्यास रविवार 15 मार्च 26 रविवार को प्रातः 9 बजे से किया जाएगा। विहसंत सागर चैरिटेबल ट्रस्ट के निर्देशन में उक्त कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसमें ग्वालियर चंबल संभाग सहित देश विदेश से जैन समाज के लोग शामिल होंगे। इसमें उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगें।
उक्त जानकारी आज सोमवार को ग्वालियर में विराजित मेडिटेशन गुरू उपाध्याय 108 विहसंत सागर मुनिराज ने पत्रकारों को दी। मेडिटेशन गुरू विहसंत सागर महाराज ने बताया कि इस समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि विहसंत तीर्थधाम 4 बीघा 242 वाई 150 में नवनिर्माण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र से निकलने वाले मार्ग से साधू संतो के लिये ध्यान अध्ययन आहारचार्य तपस्या और आत्मा कल्याण के लिये भी स्थान रहेगा।
मेडिटेशन गुरू विहसंत सागर महाराज ने बताया कि इस तीर्थधाम पर 12 विभिन्न कार्यो का शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस शिलान्यास समारोह में लगभग दस हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। ज्ञातव्य है कि विहसंत तीर्थधाम से 50 किलोमीटर दूर जैन तीर्थ शौरीपुर बटेश्वर क्षेत्र है जहां भगवान नेमिनाथ की जन्म स्थली है।
इस अवसर पर जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी के सानिध्य में विहसंत सागर तीर्थधाम में विश्व की सबसे बडी उन्नीसवे मल्लिनाथ जी भगवान की साढे 19 फुट उंची प्रतिमा विराजमान होगी। वहीं उत्तरप्रदेश के विहसंत तीर्थधाम के भूगर्भ से निकली सबसे प्राचीन श्री आदिनाथ भगवान की प्रतिमा 1800 वर्ष पुरानी विराजमान होगी।
विहसंत सागर महाराज ने बताया कि 15 मार्च को शिलान्यास समारोह में ग्वालियर जिले से 15 बसें शिवपुरी से 35 , भिंड से 25 , आगरा उत्तरप्रदेश से 25 डबरा से 2 बसें, गोहद व अन्य जगहों से भी बसें पहुंचेंगी। वहीं देश के साथ विदेशों से भी जैन समाज के लोग शिलान्यास समारोह में पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि विहसंत सागर तीर्थधाम में विशाल जैन मंदिर, संत भवन, गौशाला, आश्रय भवन, हास्पीटल, गुरूकुल, संग्रहालय, यात्रियों के लिये भोजनालय, संतों की आहारशाला, वाटिका, समाधि स्थल , मेडिटेशन टेंपल आदि का निर्माण किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में गोपाचल पर्वत तीर्थ स्थल के अध्यक्ष अजीत बरैया भी उपस्थित रहे।
