बिहार के अरवल जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और चर्चा में रहने वाली प्रेम कहानी सामने आई है। जहां, एक युवक की शादी बड़ी बहन से तय थी, लेकिन शादी से पहले ही उसका दिल छोटी बहन पर आ गया। बात इतनी बढ़ गई कि समाज और परंपराओं की परवाह किए बिना दोनों ने मंदिर में जाकर शादी कर ली। मिली जानकारी के अनुसार कुर्था थाना क्षेत्र के भतूबिगहा गांव के रहने वाले आदित्य कुमार की शादी सबलकसराय गांव की एक लड़की से तय हुई थी। करीब तीन महीने पहले दोनों परिवारों ने पूरे धूमधाम से सगाई की थी। इसके बाद अप्रैल महीने में शादी की तारीख भी तय कर दी गई थी। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे।
मोबाइल पर बातचीत से शुरू हुआ प्रेम
जिस लड़की से आदित्य की शादी तय थी, उसकी छोटी बहन जहानाबाद में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान आदित्य और उसकी होने वाली साली के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई। शुरुआत में यह बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आते चले गए। फोन पर घंटों बातचीत होने लगी और यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्यार में बदल गया। दोनों ने तय कर लिया कि वे साथ रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी तरह का फैसला क्यों न लेना पड़े।
समाज की परवाह किए बिना भागकर की शादी
जब दोनों को लगा कि परिवार और समाज इस रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं करेंगे, तो उन्होंने घर से भागकर शादी करने का फैसला किया। दोनों शनिवार को सीधे कुर्था थाना पहुंचे और वहां पूरी बात पुलिस को बताई।
पुलिस की पहल पर मंदिर में हुआ विवाह
मामले को समझने के बाद पुलिस ने प्रेमी जोड़े को स्थानीय प्राचीन सूर्य मंदिर भेज दिया। मंदिर में पंडित सतीश पाण्डेय ने वैदिक मंत्रोच्चार और रीति-रिवाज के साथ दोनों का विवाह संपन्न कराया। खास बात यह रही कि यह शादी खरमास के महीने में हुई, जिसे आमतौर पर शुभ नहीं माना जाता। इसके बावजूद मंदिर परिसर में सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और लोग इस अनोखी शादी को देखने पहुंचे।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस शादी के दौरान दोनों परिवारों की माताओं की आंखों में आंसू थे। वे इस फैसले से बेहद दुखी और आहत नजर आईं। परिजन अभी इस नए रिश्ते को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन मंदिर में हुई शादी को नकार भी नहीं पा रहे हैं।
पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी शादी
इस अनोखी ‘साली-जीजा’ की शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। कोई इसे सच्चे प्यार की जीत बता रहा है, तो कोई इसे रिश्तों की मर्यादा तोड़ने वाला कदम कह रहा है। फिलहाल यह मामला इलाके में लोगों के बीच बातचीत और बहस का केंद्र बना हुआ है।
