अमृतसर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहां, एक पति ने अपनी पत्नी की स्कूटी में GPS ट्रैकर लगाकर उनकी लोकेशन ट्रैक की। इसके बाद उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी एक होटल में किसी और आदमी के साथ थी। यह दंपति करीब 15 साल से शादीशुदा है और उनके बच्चे भी हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से चर्चा में है। लोग इसे भरोसे, निजता और तकनीक के गलत इस्तेमाल से जोड़कर देख रहे हैं।
स्कूटी में GPS ट्रैकर लगाया
रवि ने मनीकंट्रोल को बताया कि पिछले एक साल से उन्हें अपनी पत्नी पर शक हो रहा था। उनकी पत्नी का व्यवहार बदल गया था और वह घर से ज्यादा समय बाहर रहने लगी थी। रवि ने अपनी पत्नी की एक्टिवा स्कूटी में GPS ट्रैकर लगा दिया। आमतौर पर GPS ट्रैकर वाहन की सुरक्षा के लिए लगाया जाता है, लेकिन रवि ने इसे पत्नी की लोकेशन जानने के लिए इस्तेमाल किया। अब उन्हें हर समय पता रहता था कि स्कूटी कहां है।
GPS की मदद से होटल में पहुंचा पति
हाल ही में हुई घटना उस दिन हुई जब पत्नी दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे घर से निकली। रवि ने कई बार फोन किया, लेकिन पत्नी ने कॉल नहीं उठाई। रवि को चिंता हुई और शक भी बढ़ गया। उन्होंने तुरंत GPS ट्रैकर की मदद से स्कूटी की लोकेशन देखी। लोकेशन देखकर पता चला कि स्कूटी एक होटल की ओर जा रही है। रवि सीधे उस होटल पहुंचे। वहाँ उन्होंने अपनी पत्नी को किसी और आदमी के साथ देखा। रवि बहुत दुखी हुए। खास बात यह थी कि वह आदमी पहले परिवार में पत्नी का भाई बताकर आता था और घर पर भी आया-जाया करता था।
पहले भी ऐसा हो चुका था
रवि गुलाटी ने बताया कि उनकी शादी 25 अप्रैल 2010 को हुई थी। साल 2018 में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। उस समय भी रवि ने पत्नी को एक होटल में किसी और आदमी के साथ देखा था। रवि ने पत्नी के माता-पिता को बुलाया। दोनों परिवारों ने मिलकर बात की। पत्नी ने माफी मांगी और वादा किया कि आगे ऐसा नहीं होगा। रवि ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें माफ कर दिया और सोचा कि शादी बच जाएगी। उस समय एक लोकल नेता के घर पर भी मीटिंग हुई और मामला शांतिपूर्वक सुलझ गया। रवि का मानना था कि परिवार साथ रहना चाहिए।
GPS तकनीक क्या है?
GPS का पूरा नाम है ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम। यह अमेरिकी सैटेलाइट सिस्टम है जो दुनिया में कहीं भी किसी व्यक्ति, वाहन या चीज़ की सही लोकेशन बताता है। GPS की मदद से हम रास्ता ढूंढ सकते हैं, किसी वाहन या व्यक्ति को ट्रैक कर सकते हैं, नक्शा देख सकते हैं, आपातकाल में मदद पा सकते हैं। आजकल हर स्मार्टफोन में GPS होता है और यह मुफ्त में उपलब्ध है। इसके अलावा वाहनों में भी GPS सिस्टम लगे होते हैं।
