भोपाल* 13 जनवरी 2019. इस दिन को कभी भुला नहीं पाऊंगी। मेरे पति बालाघाट के लांजी थाने में SI थे। उनकी ड्यूटी विधानसभा अध्यक्ष के फॉलो व्हीकल में लगी थी। तभी एक ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी। पति के साथ अन्य तीन पुलिसकर्मी शहीद हो गए। उस वक्त मेरी गोद में डेढ़ साल का बेटा और साढ़े तीन साल की बेटी थी। दोनों ही सिजेरियन। मुझे अनुकंपा नियुक्ति मिली तो लगा कि पुलिस की ड्यूटी मैं कैसे कर पाऊंगी।

ससुर और पापा ने मेरा हौसला बढ़ाया। ससुर ने कहा था कि मेरा बेटा जाे नहीं कर पाया, वो तुम करोगी। इससे मुझे हिम्मत मिली पति की शहादत के करीब 11 महीने बाद 19 दिसंबर 2019 को मैं सब इंस्पेक्टर बन गई। ट्रेनिंग 01 जनवरी 2021 से 21 फरवरी 2022 तक चली। दोनों बच्चे दीदी के पास पले।

परिवार में घूंघट प्रथा है। जबकि मेरे साथ ज्यादातर ऐसे ट्रेनीज थे, जो पहले से SI की तैयारी कर रहे थे। मुझे कोई विशेष छूट मिलना मुमकिन नहीं था। मुझे ज्यादा मेहनत करनी पड़ी । इसमें सबसे मुश्किल था दौड़ना और दीवार फांदना। इसके बाद भी मैंने अच्छी रेटिंग के साथ ट्रेनिंग पूरी की। मैं इन दिनों आगर-मालवा जिले के कोतवाली थाने में बतौर PSI पदस्थ हूं। दिसंबर 2022 में ये ट्रेनिंग पूरी होगी। इसके बाद RAPTC (रुस्तम जी आर्म्ड पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज) में ट्रेनिंग होगी।

शाजापुर जिले के छोटे से गांव राघवखेड़ी की 33 साल की बहू पूजा सोलंकी की। पति हर्षवर्धन सिंह सोलंकी SI थे, जो VIP ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। पूजा MBA पास गृहिणी थीं, लेकिन कभी नौकरी का सोचा नहीं था। सरकार ने केस को विशेष मानते हुए अनुकंपा नियुक्ति के तहत पति के स्थान पर पूजा को SI बना दिया।

प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने में 11 महीने लगे, यह समय पूजा ने घर पर घूंघट में बिताया। इसके बाद भोपाल की भौंरी पुलिस अकादमी में 13 महीने की टफ ट्रेनिंग ली। पूजा कहती हैं कि मैंने कभी पटाखे भी नहीं फोड़े थे, लेकिन आज AK-47, कार्बाइन समेत 9 हथियार चलाती हूं।