ग्वालियर। सिद्धपीठ श्री गंगादास जी की बड़ी शाला में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को तुलसी सालिगराम विवाह शाला के महंत पूरण वैराठी पीठाधीश्वर स्वामी रामसेवकदास जी महाराज के सानिध्य में पूर्ण विधि विधान व शास्त्रोक्त रीति से सम्पन्न कराया गया इसके साथ ही एक माह से लोक कल्याण के लिए चल रहे दीप दान महायज्ञ का भी समापन हो गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित रहे।

जानकारी के मुताबिकदेवोत्थान एकादशी से पूर्णिमा तक तुलसी विवाह की परंपरा है। तदनुसार शुक्रवार को अपरान्ह 3 बजे शुभ मुहूर्त में तुलसी विवाह संपन्न हुआ। इस अवसर पर भात से लेकर बारात, दरवाजा कन्या दान और विदाई तक की रस्में निभाई गईं। कन्यादान दिव्यांग शिक्षक दंपत्ति श्री वासुदेव वर्मा एवं मनीषा वर्मा ने कन्यादान किया।
तुलसी विवाह का आयोजन करना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम के साथ तुलसी का विवाह कराने वाले व्यक्ति के जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उस पर भगवान हरि की विशेष कृपा होती है. तुलसी विवाह को कन्यादान जितना पुण्य कार्य माना जाता है. कहा जाता है कि तुलसी विवाह संपन्न कराने वालों को वैवाहिक सुख मिलता है।ऐसे में पुण्य प्राप्त करने के लिए वृन्दावहिनी समिति की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती ममता कटारे, जिलाध्यक्ष श्रीमती सीमा कटारे कांता कपरौलिया श्रीदास जी , रामदास जी रामकिशन दासजी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला पुरुषों ने विवाह में शामिल होकर दान पुण्य किया। इस अवसर पर पूरे कार्तिक मास में लोक कल्याण के लिए आयोजित दीपदान का भी समापन किया गया। यह आयोजन आचार्य मनीष दुबे द्वारा सम्पन्न कराया गया।
रानी लक्ष्मीबाई की याद में दिव्यांगों को वस्त्र दान
शाला में आज प्रथम स्वतंत्रता समर की अमर बलिदानी रानी लक्ष्मीबाई का भी जन्मदिन मनाया गया ।इस अवसर पर समाजसेवी रामकुमार कटारे ने महंत रामसेवकदास जी के सानिध्य में शाला में आठ माह से अखंड राम नाम संकीर्तन कर रहे दृष्टि बाधित दिव्यांग लोगों को सर्दी के मौसम से बचने गर्म वस्त्र प्रदान किये।
